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एक शाम, खानदाने हुसैन के नाम
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बांदा। मोहर्रम माह में शहीदाने कर्बला की याद में मजलिसें व जलसे जारी हैं। शहर के अलीगंज स्थित रब्बानियां परिसर में एक शाम खानदाने हुसैन के नाम आयोजन हुआ।
सैय्यद जौहर रब्बानी ने तिलावत से शुरुआत की। मौलाना सैय्यद वाजिद रब्बानी ने हजरत सैय्यद इमाम हुसैन के बचपन से लेकर शहादत तक के वाक्यात बताए। कहा कि उनकी अस्ल और नस्ल दोनों ही बेमिसाल है।
मौलाना सैय्यद नैय्यर रब्बानी ने हजरत अब्बास की शहादत बयान की। सैय्यद आबिद रब्बानी ने सलाम पेश किया। मौलाना सैय्यद शाहिद रब्बानी, आमिर मसूदी, गौहर रब्बानी, अशअर रब्बानी, सगीर अहमद, जौहर, सफदर, मजहर, अकबर आदि शामिल रहे।
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सैय्यद जौहर रब्बानी ने तिलावत से शुरुआत की। मौलाना सैय्यद वाजिद रब्बानी ने हजरत सैय्यद इमाम हुसैन के बचपन से लेकर शहादत तक के वाक्यात बताए। कहा कि उनकी अस्ल और नस्ल दोनों ही बेमिसाल है।
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मौलाना सैय्यद नैय्यर रब्बानी ने हजरत अब्बास की शहादत बयान की। सैय्यद आबिद रब्बानी ने सलाम पेश किया। मौलाना सैय्यद शाहिद रब्बानी, आमिर मसूदी, गौहर रब्बानी, अशअर रब्बानी, सगीर अहमद, जौहर, सफदर, मजहर, अकबर आदि शामिल रहे।
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