फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   One country-one election system should be considered

एक देश-एक चुनाव व्यवस्था पर होना चाहिए विचार

Wed, 28 Aug 2019 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 11:57 PM IST
विज्ञापन
One country-one election system should be considered
बांदा में आयोजित अमर उजाला की श्री मुरारी लाल माहेश्वरी प्रतियोगिता में उपस्थित अतिथि व छात्राए - फोटो : BANDA
बांदा। जिस परंपरा में बुराई है, वह एक कुरीति है। कुरीतियों के अंत के विचार के क्रम में ‘एक देश-एक चुनाव’ व्यवस्था पर भी चर्चा होनी चाहिए। अमर उजाला के तत्वावधान में श्री मुरारीलाल स्मृति विचार प्रवाह/वाद-विवाद मंडलस्तरीय प्रतियोगिता के लिए निर्धारित विषय ‘देश हित में एक देश-एक चुनाव’ के पक्ष में विचार रखकर बांदा के आयुष गुप्ता ने बाजी मारी। बांदा के ही रोहित यादव को दूसरा और महोबा के विकास कुशवाहा को तीसरा स्थान मिला। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन

मंडलस्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन बुधवार को आर्य कन्या इंटर कालेज में हुआ। अतिथियों के दीप प्रज्ज्वलन और 6 वर्षीय अमायरा गुप्ता के गणेश वंदना नृत्य से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्य अतिथि डीएम हीरालाल ने कहा कि एक देश-एक चुनाव का विचार प्रधानमंत्री ने दिया।
विज्ञापन

नीति आयोग ने भी नीति बनाई। देश में विचार-विमर्श चल रहा है। सुधार की प्रक्रिया लंबी है, लेकिन देश हित में यह आवश्यक है और बदलाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिता से छात्र-छात्राओं में निखार आता है। उन्होंने नसीहत दी कि बड़े वक्ताओं को जरूर सुनें। उन्होंने विजेता और प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को प्रशस्तिपत्र और सहभागितापत्र प्रदान किए। अमर उजाला, कानपुर के संपादक विजय त्रिपाठी ने श्री मुरारीलाल माहेश्वरी का जीवन परिचय कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में पूर्व में आयोजित हुई जिलास्तरीय प्रतियोगिता के टॉप-3 विजेताओं को मंडलस्तरीय वाद-विवाद में मौका मिला। बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा के 3-3 प्रतिभागी चयनित किए गए थे। इन्होंने निर्धारित विषय- ‘देश हित में एक देश-एक चुनाव’ पर पक्ष व विपक्ष में भाषण दिए।
प्रत्येक प्रतिभागी को बोलने के लिए 6 मिनट का समय दिया गया। वक्ताओं का क्रम लाटरी पद्धति से तय किया गया था। आर्य कन्या इंटर कालेज प्रबंधक शमीम बानो ने आभार जताया। संचालन का जिम्मा डीएवी के पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल गुप्ता और सुनील कुमार सनी ने संभाला।
प्रतियोगिता के विजेता आयुष गुप्ता को 7000, उपविजेता को रोहित यादव को 5000 और तीसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागी विकास कुशवाहा को 2000 रुपये के चेक प्रदान किए गए। प्रोत्साहन पुरस्कार में दो प्रतिभागी शांभवी अवस्थी, बांदा और अदिति गुप्ता, हमीरपुर को 1500-1500 रुपये के चेक दिए गए।
कार्यक्रम में चित्रकूटधाम मंडल के उप निदेशक (अर्थ एवं संख्या) एसएन त्रिपाठी, पूर्व पालिका चेयरमैन राजकुमार राज, व्यापार मंडल नेता मनोज जैन, अमित सेठ भोलू, नईम खां, राजकीय हाईस्कूल, बड़ोखर बुजुर्ग प्रधानाचार्य शशि मिश्रा, आर्य कन्या प्रधानाचार्य शाइस्ता, संजय निगम अकेला, पंकज श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
इन्होंने जीता पुरस्कार
प्रथम : आयुष गुप्ता, शिवदर्शन महाविद्यालय, तिंदवारी, बांदा।
द्वितीय : रोहित यादव, पंडित जेएन डिग्री कालेज, बांदा।
तृतीय : विकास कुशवाहा (राजकीय महाविद्यालय, चरखारी, महोबा
इन्होंने भी किया प्रतिभाग
शांभवी अवस्थी, कृषि विश्वविद्यालय, बांदा। निधि चौहान, राजकीय महिला महाविद्यालय, हमीरपुर। अदिति गुप्ता, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हमीरपुर। अमृता यादव, किशनबाबू शिवहरे डिग्री कालेज, हमीरपुर। आकांक्षा विश्वकर्मा, बुंदेलखंड नवोदय महाविद्यालय, श्रीनगर, महोबा। महेंद्र सिंह, राजकीय महाविद्यालय, कर्वी। दिनेश कुमार, राजकीय महाविद्यालय, मानिकपुर, चित्रकूट।
एक देश-एक चुनाव एक कल्पना मात्र नहीं है। 1952, 1957, 1965 व 1967 में केंद्र और राज्य दोनों के चुनाव साथ हुए थे। एक राजनैतिक पार्टी के आंतरिक मतभेदों से ये प्रथा टूटी है। पुरानी परंपरा को पुन: विचार-विमर्श के जरिये लागू किया जाना चाहिए। एक देश-एक चुनाव देशहित में आवश्यक है।-आयुष गुप्ता, शिवदर्शन महाविद्यालय, तिंदवारी।
एक देश-एक चुनाव से देश के महज 5500 करोड़ रुपये बचेंगे, लेकिन इससे चार गुना ज्यादा पैसा तो नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लेकर भाग गए हैं। इनसे वसूली कर भी पैसे बचाए जा सकते हैं। बहकावे में आकर संसदीय प्रणाली का बदलाव गलत होगा।- रोहित यादव, पंडित जेएन कालेज, बांदा।
संविधान को बदलकर एक चुनाव प्रक्रिया लागू करना न्याय संगत नहीं होगा। बदलाव लाना है तो एक देश-एक चुनाव में नहीं बल्कि जनसंख्या नियंत्रण और बेरोजगारी आदि में लाएं। बार-बार चुनाव होने से नेता जनता के संपर्क में रहते हैं। पार्टियों की मनमानी नहीं रहती।- विकास कुशवाहा, राजकीय महाविद्यालय, चरखारी, महोबा।

निर्णायक मंडल
डॉ. ओमकार चौरसिया, एचओडी, बीएड, पंडित जेएन कालेज, डॉ. सबीहा रहमानी, प्रवक्ता, महिला डिग्री कालेज और डॉ. विवेक कुमार पांडेय, प्रवक्ता, राजीव गांधी डीएवी महाविद्यालय।

बांदा के आर्य कन्या इंटर कालेज में आयोजित अमर उजाला वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता व प्रतिभागि?

बांदा के आर्य कन्या इंटर कालेज में आयोजित अमर उजाला वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता व प्रतिभागि?- फोटो : BANDA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed