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23 दिनों में एक फीसदी भी धान की खरीद नहीं
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में धान की खरीद कछुआ चाल भी नहीं चल पा रही। हालत यह है कि खरीद केंद्र खुले 23 दिन हो गए हैं, लेकिन लक्ष्य का एक फीसदी भी खरीद नहीं हुई। मंडल के बांदा और चित्रकू ट जिले में ही धान खरीदा जा रहा है। दोनों जिलों का कुल खरीद लक्ष्य 80,650 मीट्रिक टन है। अब तक मात्र 436 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। जो भी खरीद हुई है वह बांदा की है। चित्रकूट में अभी बोहनी भी नहंी हुई है।
समर्थन मूल्य पर धान की खरीद 1 नवंबर से शुरू की गई थी। मंडल के बांदा में 72,650 मीट्रिक टन धान खरीद के लिए 39 व चित्रकूट में 8000 मीट्रिक टन खरीद के लिए 12 क्रय केंद्र खोले गए हैं। बांदा में क्रय केंद्रों का सन्नाटा टूटने लगा है। यहां किसानों की आवक शुरू हो गई, लेकिन चित्रकूट में अभी भी सन्नाटा है।
बांदा में खाद्य विभाग ने 150 मीट्रिक टन, यूपीपीसीयू ने 140, पीसीएफ ने 50, खाद्य निगम ने 50 और कर्मचारी कल्याण निगम ने 46 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। संभागीय खाद्य नियंत्रक देवीदास का कहना है कि मंडल में बारिश निर्धारित समय से अधिक दिनों तक होती रही। इससे धान की फसल तैयार नहीं हो पाई है।
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ज्यादातर किसान अभी धान की मड़ाई में लगे हैं। दिसंबर की शुरुआत में धान की आवक में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि धान खरीदने के बाद किसान का भुगतान रोका न जाए। शासन की मंशा के अनुरूप 72 घंटे के अंदर पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान की रकम किसानों के खाते में भेजी जाए। इसमें लापरवाही होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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समर्थन मूल्य पर धान की खरीद 1 नवंबर से शुरू की गई थी। मंडल के बांदा में 72,650 मीट्रिक टन धान खरीद के लिए 39 व चित्रकूट में 8000 मीट्रिक टन खरीद के लिए 12 क्रय केंद्र खोले गए हैं। बांदा में क्रय केंद्रों का सन्नाटा टूटने लगा है। यहां किसानों की आवक शुरू हो गई, लेकिन चित्रकूट में अभी भी सन्नाटा है।
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बांदा में खाद्य विभाग ने 150 मीट्रिक टन, यूपीपीसीयू ने 140, पीसीएफ ने 50, खाद्य निगम ने 50 और कर्मचारी कल्याण निगम ने 46 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। संभागीय खाद्य नियंत्रक देवीदास का कहना है कि मंडल में बारिश निर्धारित समय से अधिक दिनों तक होती रही। इससे धान की फसल तैयार नहीं हो पाई है।
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ज्यादातर किसान अभी धान की मड़ाई में लगे हैं। दिसंबर की शुरुआत में धान की आवक में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि धान खरीदने के बाद किसान का भुगतान रोका न जाए। शासन की मंशा के अनुरूप 72 घंटे के अंदर पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान की रकम किसानों के खाते में भेजी जाए। इसमें लापरवाही होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।