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नवजात की मौत पीएचसी में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:24 PM IST
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हंगामे के बाद सूना पड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
- फोटो : अमर उजाला
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नवजात शिशु की मौत पर परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा मचाया। डाक्टर व स्टाफ नर्स पर पैसे मांगने का आरोप लगाया। हंगामे की वजह से पीएचसी में अफरातफरी रही। उधर, प्रसूता की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला मुख्यालय के अस्पताल में भर्ती कराया।
थाना क्षेत्र के बंबिया गांव की मीरा पत्नी राजू विश्वकर्मा को प्रसव पीड़ा हुई। सोमवार को परिजन उसे 102 एंबुलेंस से पीएचसी लाए। शाम को यहां मीरा ने शिशु को जन्म दिया। कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। पीड़िता व पति ने डाक्टर व कर्मचारियों पर रुपये मांगने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों का कहना था कि इलाज से पूर्व नर्स ने उनसे 2200 रुपये मांगे। रुपये मिलने के बाद प्रसूता का इलाज शुरू हुआ। शिशु की मौत के बाद परिजनों के हंगामा करने पर नर्स ने रुपये वापस कर दिए। पीएचसी में उपस्थित लोगों ने परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उधर, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस बारे में कुछ भी बताने से दोटूक इनकार करते हुए कहा कि जो भी जाने अधिकारी जानें।
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थाना क्षेत्र के बंबिया गांव की मीरा पत्नी राजू विश्वकर्मा को प्रसव पीड़ा हुई। सोमवार को परिजन उसे 102 एंबुलेंस से पीएचसी लाए। शाम को यहां मीरा ने शिशु को जन्म दिया। कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। पीड़िता व पति ने डाक्टर व कर्मचारियों पर रुपये मांगने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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परिजनों का कहना था कि इलाज से पूर्व नर्स ने उनसे 2200 रुपये मांगे। रुपये मिलने के बाद प्रसूता का इलाज शुरू हुआ। शिशु की मौत के बाद परिजनों के हंगामा करने पर नर्स ने रुपये वापस कर दिए। पीएचसी में उपस्थित लोगों ने परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उधर, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस बारे में कुछ भी बताने से दोटूक इनकार करते हुए कहा कि जो भी जाने अधिकारी जानें।
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