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Banda News: किसानों के लिए न मंत्री पहुंचे न विधायक
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बांदा। किसानों की आय और आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में बांदा में जनप्रतिनिधियों और जिले के बड़े अधिकारियों की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय रही। किसानों के लिए न मंत्री पहुंचे न विधायक।
लखनऊ में मुख्यमंत्री ने योजना का शुभारंभ किया। इसका सजीव प्रसारण बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में किया गया। कार्यक्रम में जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद को मुख्य अतिथि थे। बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी और नरैनी विधायक ओममणि वर्मा को भी आमंत्रित किया गया था। न मंत्री पहुंचे और न दोनों विधायक। डीएम अमित आसेरी और सीडीओ अजय पांडेय भी कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहे। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीएम न्यायिक माया शंकर यादव ने की। सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ करीब 250 किसान मौजूद रहे। किसानों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार ने बताया कि मंत्री रामकेश निषाद और विधायक प्रकाश द्विवेदी लखनऊ जाने के कारण नहीं आ सके।
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वहीं, नरैनी विधायक ओममणी वर्मा क्षेत्र में चल रहे जल सत्याग्रह को खत्म कराने और जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष चित्रकूट में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने चले गए। ऐसे में सवाल ये है कि जहां मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए समय निकाला लेकिन बांदा में किसानों की उपेक्षा कर दी गई। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के प्रतिनिधि रजत सेठ ने बताया कि विधायक बांदा में नहीं थे। साथ ही कार्यालय में कार्यक्रम की सूचना नहीं थी। अगर सूचना होती तो वह स्वयं जरूर जाते।
छह लाख तक ऋण और पांच फीसदी ब्याज अनुदान
योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण छह फीसदी सालाना ब्याज पर देने की व्यवस्था है। समय से किस्त चुकाने पर पांच फीसदी ब्याज का अनुदान राज्य सरकार देगी। ऋण उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में जिले की तीन शाखाओं ने 756 किसानों को 572.88 लाख रुपये का ऋण वितरित किया है। कृषि भूमि के साथ अचल संपत्ति बंधक रखकर ऋण लेने की नई व्यवस्था भी लागू की गई है। महिला किसानों को ब्याज दर में एक फीसदी विशेष छूट दी जा रही है।
कार्यक्रम में उप आयुक्त सहकारिता प्रदीप सिंह, सहायक आयुक्त अंसल कुमार, उप निदेशक कृषि अभय यादव, जिला कृषि अधिकारी संजय कुमार समेत अधिकारी, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे। इस दौरान किसानों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया।
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लखनऊ में मुख्यमंत्री ने योजना का शुभारंभ किया। इसका सजीव प्रसारण बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में किया गया। कार्यक्रम में जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद को मुख्य अतिथि थे। बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी और नरैनी विधायक ओममणि वर्मा को भी आमंत्रित किया गया था। न मंत्री पहुंचे और न दोनों विधायक। डीएम अमित आसेरी और सीडीओ अजय पांडेय भी कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहे। जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीएम न्यायिक माया शंकर यादव ने की। सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ करीब 250 किसान मौजूद रहे। किसानों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार ने बताया कि मंत्री रामकेश निषाद और विधायक प्रकाश द्विवेदी लखनऊ जाने के कारण नहीं आ सके।
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वहीं, नरैनी विधायक ओममणी वर्मा क्षेत्र में चल रहे जल सत्याग्रह को खत्म कराने और जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष चित्रकूट में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने चले गए। ऐसे में सवाल ये है कि जहां मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए समय निकाला लेकिन बांदा में किसानों की उपेक्षा कर दी गई। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के प्रतिनिधि रजत सेठ ने बताया कि विधायक बांदा में नहीं थे। साथ ही कार्यालय में कार्यक्रम की सूचना नहीं थी। अगर सूचना होती तो वह स्वयं जरूर जाते।
छह लाख तक ऋण और पांच फीसदी ब्याज अनुदान
योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण छह फीसदी सालाना ब्याज पर देने की व्यवस्था है। समय से किस्त चुकाने पर पांच फीसदी ब्याज का अनुदान राज्य सरकार देगी। ऋण उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में जिले की तीन शाखाओं ने 756 किसानों को 572.88 लाख रुपये का ऋण वितरित किया है। कृषि भूमि के साथ अचल संपत्ति बंधक रखकर ऋण लेने की नई व्यवस्था भी लागू की गई है। महिला किसानों को ब्याज दर में एक फीसदी विशेष छूट दी जा रही है।
कार्यक्रम में उप आयुक्त सहकारिता प्रदीप सिंह, सहायक आयुक्त अंसल कुमार, उप निदेशक कृषि अभय यादव, जिला कृषि अधिकारी संजय कुमार समेत अधिकारी, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे। इस दौरान किसानों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया।