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बहुमंजिला इमारतों से जेल की सुरक्षा को खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 20 Nov 2015 11:35 PM IST
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बांदा। मंडल कारागार के इर्दगिर्द निर्माणाधीन
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बहुमंजिला इमारतें जेल की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं। बांदा विकास
प्राधिकरण (बीडीए) भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
जेल अधीक्षक ने खतरे की आशंका जताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर भवनों के नक्शे और विभागीय एनओसी की जांच की मांग की है।
मंडल कारागार के इर्दगिर्द बन रही बहुमंजिला इमारतें जेल की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं। जेल की चहारदीवारी से काफी नजदीक कई मकान बन गए हैं। इससे जेल की गोपनीयता भंग होने की आशंका बढ़ गई है।
जेल अधीक्षक द्वारा बांदा विकास प्राधिकरण को कई बार पत्र भेजे जाने के बाद भी निर्माण बेरोकटोक जारी है। वर्तमान में मंडल कारागार में पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके दस्यु शिवकुमार उर्फ ददुआ, अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया, सुंदर पटेल, बलखड़िया गिरोह के कई सदस्यों समेत प्रदेश के कई कुख्यात माफिया सरगना और उनके गुर्गे निरुद्ध हैं।
इनके अलावा अक्सर बड़े माफिया यहां कुछ दिनों के लिए भेज दिए जाते हैं। कारागार के आसपास बन रही बहुमंजिला इमारतों से यहां कभी भी बड़ी वारदात हो सकती है।
जेल अधीक्षक एचबी सिंह की ओर से 18 नवंबर (बुधवार) को बीडीए को लिखे गए पत्र में जिक्र किया है कि जेल के सौ फिट के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण के पहले कारागार विभाग से एनओसी लेना आवश्यक है।
आम लोग शासनादेश का उल्लंघन कर बहुमंजिला इमारतें बनवा रहे हैं। आशंका जताई कि बहुमंजिला इमारतों के निर्माण से जेल की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा हो सकता है।
उधर, बांदा विकास प्राधिकरण प्रभारी अधिशासी अभियंता रविंद्र कुमार ने बताया कि जेल अधीक्षक का पत्र उन्हें अब तक नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद मामले की जांच कराएंगे। अगर किसी ने नियम विरुद्ध मकान बनवाया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जेल के 100 फिट के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण के पहले कारागार विभाग से एनओसी लेना आवश्यक है। 100 फिट दायरे में 18 फिट से ज्यादा ऊंचे मकान बनाना अवैध है।
जेल की बाहरी चहारदीवारी की ऊंचाई 18 फिट होती है। आसपास इससे अधिक ऊंची इमारत बनने से सुरक्षा को खतरा होता है। यह संगीन अपराध की श्रेणी में आता है। -एचबी सिंह, जेल अधीक्षक, मंडल कारागार।
जेल अधीक्षक ने खतरे की आशंका जताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर भवनों के नक्शे और विभागीय एनओसी की जांच की मांग की है।
मंडल कारागार के इर्दगिर्द बन रही बहुमंजिला इमारतें जेल की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं। जेल की चहारदीवारी से काफी नजदीक कई मकान बन गए हैं। इससे जेल की गोपनीयता भंग होने की आशंका बढ़ गई है।
जेल अधीक्षक द्वारा बांदा विकास प्राधिकरण को कई बार पत्र भेजे जाने के बाद भी निर्माण बेरोकटोक जारी है। वर्तमान में मंडल कारागार में पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके दस्यु शिवकुमार उर्फ ददुआ, अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया, सुंदर पटेल, बलखड़िया गिरोह के कई सदस्यों समेत प्रदेश के कई कुख्यात माफिया सरगना और उनके गुर्गे निरुद्ध हैं।
इनके अलावा अक्सर बड़े माफिया यहां कुछ दिनों के लिए भेज दिए जाते हैं। कारागार के आसपास बन रही बहुमंजिला इमारतों से यहां कभी भी बड़ी वारदात हो सकती है।
जेल अधीक्षक एचबी सिंह की ओर से 18 नवंबर (बुधवार) को बीडीए को लिखे गए पत्र में जिक्र किया है कि जेल के सौ फिट के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण के पहले कारागार विभाग से एनओसी लेना आवश्यक है।
आम लोग शासनादेश का उल्लंघन कर बहुमंजिला इमारतें बनवा रहे हैं। आशंका जताई कि बहुमंजिला इमारतों के निर्माण से जेल की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा हो सकता है।
उधर, बांदा विकास प्राधिकरण प्रभारी अधिशासी अभियंता रविंद्र कुमार ने बताया कि जेल अधीक्षक का पत्र उन्हें अब तक नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद मामले की जांच कराएंगे। अगर किसी ने नियम विरुद्ध मकान बनवाया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जेल के 100 फिट के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण के पहले कारागार विभाग से एनओसी लेना आवश्यक है। 100 फिट दायरे में 18 फिट से ज्यादा ऊंचे मकान बनाना अवैध है।
जेल की बाहरी चहारदीवारी की ऊंचाई 18 फिट होती है। आसपास इससे अधिक ऊंची इमारत बनने से सुरक्षा को खतरा होता है। यह संगीन अपराध की श्रेणी में आता है। -एचबी सिंह, जेल अधीक्षक, मंडल कारागार।