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कालिंजर नरसंहार के आरोपी को एमपी पुलिस ने दबोचा
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पप्पू यादव।
- फोटो : BANDA
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नरैनी (बांदा)। डेढ़ दशक पूर्व कालिंजर दुर्ग में आठ दर्शनार्थियों की सामूहिक हत्या के आरोपी पप्पू यादव उर्फ जयकरन को सीमावर्ती मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि इस हत्याकांड में वह अदालत से बरी हो चुका है। अलबत्ता उस पर एमपी और यूपी में आधा दर्जन अन्य मामले दर्ज हैं। मध्य प्रदेश पुलिस ने 10 हजार का इनाम घोषित किया था। पिछले माह उसे बांदा की तिंदवारी थाना पुलिस ने तमंचे समेत गिरफ्तार किया था। वह जमानत पर बाहर था।
वर्ष 2003 में कालिंजर दुर्ग में दर्शन को आए 8 लोगों को गोलियों से भूनकर सामूहिक हत्या कर दी गई थी। इसमें दस्यु सरगना पप्पू यादव और उसके भाई विजय यादव सहित गिरोह के कई सदस्यों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पप्पू यादव ने एमपी पुलिस में आधा दर्जन सदस्यों के साथ सरेंडर कर दिया था।
22 मार्च 2006 को पप्पू और भाई विजय यादव को पुलिस पेशी पर पन्ना (एमपी) ले गई थी। वापस लौटते समय एमपी की सरहद पर पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने पप्पू और विजय की सुरक्षा में तैनात तीन सिपाहियों को गोली मारकर घायल कर दिया था और उनकी राइफलें लूटने के साथ दोनों बदमाशों को रिहा कराकर फरार हो गए थे। बाद में पप्पू यादव के गैंगवार में मारे जाने की खबर आई। लेकिन शव न मिलने पर पुलिस की रिकार्ड में वह जिंदा रहा।
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सामूहिक हत्याकांड में एक अन्य पप्पू यादव उर्फ जयकरन को भी पुलिस ने नामजद किया था। लेकिन इस मामले में अदालत ने उसे बरी कर दिया था। मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद के धरमपुर थाना पुलिस ने पप्पू यादव उर्फ जयकरन को छनिहा गांव के मोड़ पर घेराबंदी कर दबोच लिया। उसके पास 315 बोर तमंचा और 6500 रुपये बरामद हुए।
धरमपुर थानाध्यक्ष एमडी शाहिद ने बताया कि पप्पू पर 22 फरवरी को नरदहा गांव में गोली मारकर सोने और चांदी के जेवर लूटने, सेहा गांव में हत्या आदि के केस दर्ज हैं। इसके अलावा एमपीडीके एक्ट और आम्र्स एक्ट के भी केस हैं। पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने उसकी गिरफ्तारी पर धरमपुर पुलिस को इनाम देने की घोषणा की है।
उधर, पप्पू यादव उर्फ जयकरन को 22 जुलाई को सेमरी नाले के पास तिंदवारी (बांदा) थाना पुलिस ने तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। इंसपेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि उसे आर्म्स एक्ट में जेल भेजा गया था। वह जमानत पर बाहर आ गया। पप्पू मूलरूप से कालिंजर थाना क्षेत्र के गड्डिहा पुरवा का रहने वाला है।
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वर्ष 2003 में कालिंजर दुर्ग में दर्शन को आए 8 लोगों को गोलियों से भूनकर सामूहिक हत्या कर दी गई थी। इसमें दस्यु सरगना पप्पू यादव और उसके भाई विजय यादव सहित गिरोह के कई सदस्यों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पप्पू यादव ने एमपी पुलिस में आधा दर्जन सदस्यों के साथ सरेंडर कर दिया था।
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22 मार्च 2006 को पप्पू और भाई विजय यादव को पुलिस पेशी पर पन्ना (एमपी) ले गई थी। वापस लौटते समय एमपी की सरहद पर पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने पप्पू और विजय की सुरक्षा में तैनात तीन सिपाहियों को गोली मारकर घायल कर दिया था और उनकी राइफलें लूटने के साथ दोनों बदमाशों को रिहा कराकर फरार हो गए थे। बाद में पप्पू यादव के गैंगवार में मारे जाने की खबर आई। लेकिन शव न मिलने पर पुलिस की रिकार्ड में वह जिंदा रहा।
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सामूहिक हत्याकांड में एक अन्य पप्पू यादव उर्फ जयकरन को भी पुलिस ने नामजद किया था। लेकिन इस मामले में अदालत ने उसे बरी कर दिया था। मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद के धरमपुर थाना पुलिस ने पप्पू यादव उर्फ जयकरन को छनिहा गांव के मोड़ पर घेराबंदी कर दबोच लिया। उसके पास 315 बोर तमंचा और 6500 रुपये बरामद हुए।
धरमपुर थानाध्यक्ष एमडी शाहिद ने बताया कि पप्पू पर 22 फरवरी को नरदहा गांव में गोली मारकर सोने और चांदी के जेवर लूटने, सेहा गांव में हत्या आदि के केस दर्ज हैं। इसके अलावा एमपीडीके एक्ट और आम्र्स एक्ट के भी केस हैं। पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने उसकी गिरफ्तारी पर धरमपुर पुलिस को इनाम देने की घोषणा की है।
उधर, पप्पू यादव उर्फ जयकरन को 22 जुलाई को सेमरी नाले के पास तिंदवारी (बांदा) थाना पुलिस ने तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। इंसपेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि उसे आर्म्स एक्ट में जेल भेजा गया था। वह जमानत पर बाहर आ गया। पप्पू मूलरूप से कालिंजर थाना क्षेत्र के गड्डिहा पुरवा का रहने वाला है।