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नब्बे हजार से ज्यादा बच्चे नहीं आ रहे स्कूल

Tue, 07 Sep 2021 11:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Sep 2021 11:24 PM IST
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More than ninety thousand children are not coming to school
बांदा। कोरोनाकाल में लॉकडाउन के चलते चित्रकूटधाम मंडल में बड़ी संख्या में बच्चे शिक्षा से दूर हो गए हैं। इनमें अधिकांश मजदूरों के बच्चे हैं। स्कूल तो खुल गए, लेकिन अभी भी करीब 90 हजार से अधिक बच्चे स्कूल ही नहीं आ रहे।
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इनमें 22 हजार बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने स्कूल से तौबा कर लिया और माता-पिता के साथ महानगरों को पलायन कर गए। हालांकि सरकार ने ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उन्हें स्कूलों में दाखिला दिलाने को तीन विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है।
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बाकायदा इसके लिए शारदा कार्यक्रम के तहत स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है। चित्रकूटधाम मंडल में परिषदीय स्कूलों की संख्या 5697 है। इनमें वर्ष 2010 में अध्ययनरत बच्चों की संख्या करीब 7,43,101 थी। चालू शिक्षा सत्र 2021-22 में इनकी संख्या अब 6,51,101 रह गई है।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक, कोरोनाकाल के बाद जब स्कूल खुले तो बच्चों की उपस्थिति करीब 16 फीसदी घट गई। प्रधानाध्यापकों के माध्यम से बच्चों की जानकारी एकत्र की गई तो एक लाख से अधिक बच्चे स्कूल आने के लिए तैयार नहीं हुए।
22 हजार से अधिक बच्चे पढ़ाई छोड़कर अपने माता-पिता के साथ महानगरों को पलायन कर गए। हालांकि, सरकार ने शारदा अभियान के तहत ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उन्हें स्कूल लाने के निर्देश दिए हैं।
बाकायदा आउट आफ स्कूल व ड्राप आउट बच्चों का स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए 24,108 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसकी जिम्मेदारी शिक्षा, श्रम व जिला कार्यक्रम विभाग को सौंपी गई है।
निर्देश दिए गए कि जो बच्चे कोरोना के बाद से स्कूल नहीं आ रहे या फिर आर्थिक तंगी के कारण ईंट-भट्ठों तथा खदानों आदि उद्योगों में लगे हैं या महानगरों को पलायन कर गए, ऐसे बच्चों को चिह्नित कर 30 नवंबर तक स्कूलों में दाखिला दिलाएं। यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा।
प्रथम चरण 10 सितंबर से 30 सितंबर और द्वितीय चरण 15 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा।
मंडल में बच्चों के दाखिले का लक्ष्य
जनपद लक्ष्य
बांदा 10,141
चित्रकूट 6,386
महोबा 3,125
हमीरपुर 4,456
योग- 24,108
परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत व कम बच्चों की संख्या का ब्योरा---
जनपद स्कूल छात्र/छात्राएं घटी संख्या
बांदा 2046 2,24,792 31,000
चित्रकूट 1438 1,97,340 22,000
महोबा 1029 1,58,750 19,000
हमीरपुर 1184 1,62,277 20,000
योग- 5697 7,43,159 92,000
अंग्रेजी माध्यम में गिरावट कम
कोरोनाकाल में सर्वाधिक राष्ट्रभाषा हिंदी की पढ़ाई प्रभावित हुई है। कोरोनाकाल में परिषदीय स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई तो शुरू की, लेकिन 90 फीसदी बच्चों के पास मोबाइल न होने से वह शिक्षा हासिल नहीं कर सके, जबकि अंग्रेजी माध्यम के बच्चे ऑनलाइन अध्ययन करते रहे।

अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में महज 0.6 फीसदी की ही गिरावट आई है। स्कूल खुलने के बाद इनमें छात्र संख्या 99 फीसदी से अधिक बताई जा रही है।
कोरोना के बाद से स्कूलों में छात्र संख्या घटी है। ऐसे में प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए कि वह अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल आने को प्रेरित करें। जो बच्चे ईंट-भट्ठों तथा खदानों आदि उद्योगों में काम कर रहे उन्हें स्कूल लाने व दाखिला के लिए शारदा अभियान के तहत शिक्षा विभाग, श्रम व जिला कार्यक्रम विभाग से सर्वे कराया जा रहा है।
- रामपाल, प्रभारी उप निदेशक (बेसिक), चित्रकूटधाम मंडल, बांदा
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