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प्रवासियों की मुश्किलें सुलझाएंगी निगरानी समितियां

Fri, 05 Jun 2020 11:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2020 11:12 PM IST
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Monitoring committees will solve the problems of migrants
बांदा। महानगरों से लौटे प्रवासी मजदूरों की निगरानी के साथ उनकी परेशानियों को सुलझाने में निगरानी समितियां सक्रिय भूमिका निभाएंगी। इसके लिए जिले के सभी ब्लाकों में ग्राम प्रधानों का अभिमुखीकरण किया जा रहा है।
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शुक्रवार को जिला प्रशासन और यूनिसेफ के सहयोग से बड़ोखर खुर्द, महुआ, जसपुरा व तिंदवारी में ग्राम प्रधानों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बबेरू, कमसिन, बिसंडा व नरैनी ब्लाकों में शनिवार को कार्यशाला होंगी।
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ग्राम प्रधानों व सभासदों की अध्यक्षता में गठित की गई ग्राम व शहरी निगरानी समितियों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र वर्मा का कहना है कि अस्पतालों में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ के अलावा भी ऐसे कई कोरोना योद्धा हैं, जो समुदाय में संक्रमण को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
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निगरानी समितियां इन्हीं में से एक हैं। यह प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का ग्राम स्तर पर पालन करवा रही हैं। यह भी सुनिश्चित कर रही हैं कि क्वारंटाइन किए गए परिवारों को राजकीय सुविधाओं तथा राहत योजनाओं का लाभ मिलता रहे।
ये जिम्मेदारियां निभाएंगे ग्राम प्रधान
यूनिसेफ के जिला मोबिलाइजेशन समन्वयक फुजैल सिद्दीकी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान ग्राम प्रधानों को उनकी जिम्मेदारियों व समिति के क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। समिति की अध्यक्षता करते हुए ग्राम प्रधान सार्वजनिक स्थानों, गलियों, सार्वजनिक पेयजल स्रोतों तथा क्वारंटाइन किये गए घरों के आसपास विसंक्रमण सुनिश्चित कराएंगे। क्वारंटाइन किए गए घरों में शौचालय व सार्वजनिक हैंडपंप पर हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था व उसकी सफाई सुनिश्चित कराएंगे।

लोगों को जागरूक करेंगे। क्वारंटाइन किये गए परिवारों से फोन पर संपर्क कर उन्हें क्वारंटाइन अवधि पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे व पड़ोसियों से उनकी मदद करने के लिए आग्रह करेंगे। जिन लोगों के घरों में क्वारंटाइन की व्यवस्था नहीं है उनके लिए ग्राम पंचायत में अलग से व्यवस्था, राशन, साबुन आदि मुहैया कराएंगे। ऐसे लोग जिनके पास रोजगार नहीं है और राशन खरीदने का सामर्थ्य नहीं है, उन्हें शासन के निर्देशों के अनुसार तत्काल राशन, साबुन जैसी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
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