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मिर्जा गालिब ने बांदा में बिताए थे बीमारी के दिन

Wed, 21 Oct 2020 10:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2020 10:42 PM IST
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Mirza Ghalib spent days of illness in Banda
मुकद्दस यादें पुस्तक का विमोचन करते प्रो.डा.सगीर अफराहीम व डा.रफीक, डा.शबाना, चंद्रिका दीक्षित, डा. - फोटो : BANDA
बांदा। बांदा की सरजमीं हिंदू-मुस्लिम एकता की सदियों से मिसाल है। यहां मिर्जा गालिब ने भी कई माह बीमारी में बिताए। यह बात अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के पूर्व विभागाध्यक्ष (उर्दू) डॉ. सगीर अफराहीम ने कही। वह मंगलवार की रात केदार शोध स्मृति न्यास के तत्वावधान में आयोजित हिंदू-उर्दू पुस्तक ‘मुकद्दस यादें’ के विमोचन समारोह में बोल रहे थे।
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जिले की प्रसिद्ध महिला चिकित्सक डॉ. शबाना रफीक की पुस्तक के रस्मे इजरा (विमोचन) में वरिष्ठ कवि और साहित्यकार डॉ. चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ललित ने कविता से अपनी भावनाएं जाहिर कीं।
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डॉ. मोहम्मद रफीक ने कहा कि डाक्टर भावनाविहीन नहीं होते। वह भी एक इंसान का दिल रखते हैं। कविता भी कहते हैं। पुस्तक की लेखक डॉ. शबाना ने कहा कि उन्होंने अपनी वालिदा मरहूम बेगम अजीज बानो (अधिकारी उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम) की याद में लिखी किताब में हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं को एक साथ बांधा है। दोनों भाषाएं सगी बहनें हैं। जिनका जन्म भारत में हुआ।
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उन्होंने कहा कि उनकी वालिदा ने उस समय तालीम हासिल की जब महिलाओं को पढ़ाया नहीं जाता था। खासकर मुस्लिम समाज में लड़कियों में पढ़ाई का रिवाज कम था, लेकिन उनकी मां मार्गदर्शक होने के साथ ही आदर्श महिला थीं। समारोह में कवि जवाहरलाल जलज, मुईन राही, सौम्या श्रीवास्तव, रामकरण साहू ने काव्य पाठ से संबोधित किया। कवि डा.रामचंद्र सरस ने पुस्तक की सराहना की।
केदार न्यास के सचिव नरेंद्र पुंडरीक ने आभार जताया। हजरत मौलाना सिद्दीक मेमोरियल पब्लिक स्कूल की बालिकाओं ने स्वागत गीत और देश भक्ति के गीत पेश किए। संचालन महिला डिग्री कालेज की सहायक प्रवक्ता डा. सबीहा रहमानी ने किया। मेजबान डा. शबाना ने सभी का शुक्रिया अदा किया। साथ ही बताया कि वह तीन पुस्तकें ‘सिमटता वट वृक्ष’, ‘सत्य निधन’ और ‘कोरोना तेरे काल में’ लिख रही हैं।

समारोह में तहसीलदार सदर अवधेश कुमार निगम राजू, पूर्व चेयरमैन राजकुमार राज, डा. मोनिका सक्सेना, डा. एसआर वर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल गुप्त, डा. शेख सादी जमां, सैय्यद अली मंजर, निशा गुप्ता, प्रवीण चौहान, सुनील कुमार सनी, मुशीर अहमद फारुकी, संजय निगम अकेला, अरुण निगम, मुकुल गुप्ता, सैय्यद खुर्शीद अहमद, अंजू दमेले, सीमा नंदा, बिरजिस मंजर, छवि पुरवार, फहमीदा हसन, यासमीन खान, शक्ति श्रीवास्तव, एमआर नेपाल सिंह व श्रीश आदि उपस्थित रहे।
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