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महाराष्ट्र से वाराणसी जा रहे प्रवासी श्रमिक की रास्ते में मौत
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बांदा। महाराष्ट्र से भाड़े की कार पर परिवार के साथ पैतृक जनपद वाराणसी जा रहे प्रवासी श्रमिक की रास्ते में ही मौत हो गई। दो दिन पूर्व वह रवाना हुआ था। लगभग 1300 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद बांदा की सरहद पर टैक्सी में ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज भेज दिया। उधर, शव का कोरोना जांच नमूना लेने के लिए मेडिकल कालेज प्रशासन और सीएमओ देर तक कुछ निर्णय नहीं ले सके। मृतक मजदूर के साथ आए परिजनों का नमूना लिया जा रहा है।
दो दिन पूर्व 10 हजार रुपये किराए की टैक्सी करके बोरीवली (महाराष्ट्र) से रविंद्र राजभर (32) पिता लालबहादुर, पत्नी अनीता, बहन पूजा, भाई राहुल व कर्ण और पुत्री शीतल के साथ दानगंज बाजार (वाराणसी) जा रहा था।
गुरुवार को सुबह बांदा की सरहद में स्थित भूरागढ़ गांव के पास नेशनल हाईवे पर टैक्सी में उसने दम तोड़ दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने मौत की पुष्टि कर शव मर्च्यूरी में रखवा दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज भेज दिया। पिता लालबहादुर ने बताया कि रविंद्र को दो दिन से जुकाम-बुखार और सांस लेने में दिक्कत थी।
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उधर, प्रवासी मजदूर की मौत पर शव की कोरोना जांच के लिए नमूना लिया जाना चाहिए, लेकिन देर रात तक सीएमओ डॉ. संतोष कुमार और मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव इस पर निर्णय नहीं ले सके। एक-दूसरे पर टालते रहे। उधर, रविंद्र के पूरे परिवार की कोरोना जांच के लिए नमूना लेने को जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने नरैनी सीएचसी रेफर कर दिया।
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दो दिन पूर्व 10 हजार रुपये किराए की टैक्सी करके बोरीवली (महाराष्ट्र) से रविंद्र राजभर (32) पिता लालबहादुर, पत्नी अनीता, बहन पूजा, भाई राहुल व कर्ण और पुत्री शीतल के साथ दानगंज बाजार (वाराणसी) जा रहा था।
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गुरुवार को सुबह बांदा की सरहद में स्थित भूरागढ़ गांव के पास नेशनल हाईवे पर टैक्सी में उसने दम तोड़ दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने मौत की पुष्टि कर शव मर्च्यूरी में रखवा दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज भेज दिया। पिता लालबहादुर ने बताया कि रविंद्र को दो दिन से जुकाम-बुखार और सांस लेने में दिक्कत थी।
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उधर, प्रवासी मजदूर की मौत पर शव की कोरोना जांच के लिए नमूना लिया जाना चाहिए, लेकिन देर रात तक सीएमओ डॉ. संतोष कुमार और मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव इस पर निर्णय नहीं ले सके। एक-दूसरे पर टालते रहे। उधर, रविंद्र के पूरे परिवार की कोरोना जांच के लिए नमूना लेने को जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने नरैनी सीएचसी रेफर कर दिया।