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बालक की हत्या में लापरवाही पर मटौंध थाना प्रभारी निलंबित
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बांदा/मटौंध। संदिग्ध परिस्थितियों में बालक की गुमशुदगी की सूचना देने गए बालक के पिता को सुबह आने की सलाह देकर चलता कर देने का खामियाजा मटौंध थाना इंसपेक्टर अरविंद सिंह गौर को निलंबन के रूप में भुगतना पड़ा। अब थाने की कमान इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह को सौंपी गई है। वह तिंदवारी में इसी पद पर थे। उनके स्थान पर नरेंद्र सिंह को तिंदवारी का थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।
मटौंध में बालक की हत्या के अगले दिन सुबह मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अभिनंदन भी इस बात से वाकिफ हो गए थे कि थाना पुलिस ने लापरवाही बरती। मृतक बालक के माता-पिता ने पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत भी की थी।
मटौंध कस्बे के बैबे थोक निवासी संदीप कुशवाहा (13) की सिर्फ 500 रुपये के लेन-देन में बुधवार की रात उसी के दोस्त धीरू उर्फ टोटू ने गला दाबकर हत्या कर दी थी और शव जीआईसी के पास पुलिया के नीचे पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया था। सुबह शव मिलने पर पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल पहुंचे थे। मृतक के माता-पिता ने बताया था कि रात में ही वह थाने गए थे।
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वहां उन्हें यह कहकर बैरंग लौटा दिया गया था कि सुबह बालक की फोटो और अर्जी लेकर आना। पुलिस अधीक्षक के तेवर उसी समय नजर आ रहे थे कि अपने अधीनस्थों की लापरवाही से वह खफा हैं। अंतत: गुरुवार की देर रात पुलिस अधीक्षक ने मटौंध इंसपेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने दो और थानों में उलटफेर किया है। जिले की महत्वपूर्ण कोतवाली निरीक्षक बांके बिहारी से चार्ज छीनकर उन्हें पुलिस कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। उनके स्थान पर इंस्पेेक्टर आलोक पाठक बबेरू की कमान संभालेंगे। उधर, बदौसा थाना निरीक्षक सभाजीत पटेल की भी थाने से रवानगी हो गई है। उन्हें क्राइम ब्रांच भेजा गया है। एके दुबे को बदौसा थाने का चार्ज सौंपा गया है।
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मटौंध में बालक की हत्या के अगले दिन सुबह मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अभिनंदन भी इस बात से वाकिफ हो गए थे कि थाना पुलिस ने लापरवाही बरती। मृतक बालक के माता-पिता ने पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत भी की थी।
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मटौंध कस्बे के बैबे थोक निवासी संदीप कुशवाहा (13) की सिर्फ 500 रुपये के लेन-देन में बुधवार की रात उसी के दोस्त धीरू उर्फ टोटू ने गला दाबकर हत्या कर दी थी और शव जीआईसी के पास पुलिया के नीचे पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया था। सुबह शव मिलने पर पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल पहुंचे थे। मृतक के माता-पिता ने बताया था कि रात में ही वह थाने गए थे।
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वहां उन्हें यह कहकर बैरंग लौटा दिया गया था कि सुबह बालक की फोटो और अर्जी लेकर आना। पुलिस अधीक्षक के तेवर उसी समय नजर आ रहे थे कि अपने अधीनस्थों की लापरवाही से वह खफा हैं। अंतत: गुरुवार की देर रात पुलिस अधीक्षक ने मटौंध इंसपेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने दो और थानों में उलटफेर किया है। जिले की महत्वपूर्ण कोतवाली निरीक्षक बांके बिहारी से चार्ज छीनकर उन्हें पुलिस कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया है। उनके स्थान पर इंस्पेेक्टर आलोक पाठक बबेरू की कमान संभालेंगे। उधर, बदौसा थाना निरीक्षक सभाजीत पटेल की भी थाने से रवानगी हो गई है। उन्हें क्राइम ब्रांच भेजा गया है। एके दुबे को बदौसा थाने का चार्ज सौंपा गया है।