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मानसून दो रुखी, चित्रकूट-महोबा दुखी

Sat, 18 Sep 2021 12:20 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 12:20 AM IST
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maanasoon do rukhee, chitrakoot-mahoba dukhee
maanasoon do rukhee, chitrakoot-mahoba dukhee - फोटो : BANDA
बांदा। बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम मंडल में मानसूनी बारिश के अजब-गजब तेवर हैं। मंडल में बारिश का पैमाना एक जैसा ही नहीं है। चंद किलोमीटर के फासलों में ही बारिश के आंकड़ों में भारी अंतर है।
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एक तरफ जहां बांदा और हमीरपुर मानसूनी मौसम के एक माह पहले ही औसत बारिश का आंकड़ा डेढ़ गुना तक पार कर चुके हैं, वहीं चित्रकूट और महोबा में बारिश औसत से काफी पीछे है।
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पंद्रह जून से शुरू हुए मानसूनी मौसम के तीन माह बीत गए अभी एक माह और शेष हैं, लेकिन चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में अलग-अलग बारिश के पैमाने हैं। मंडल के चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा में मानसूनी बारिश अलग-अलग रुख अपनाए हुए है।
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बांदा जिले में औसत बारिश का मानक 830 मिलीमीटर है। यहां अब तक 1004 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जबकि मानसून का अभी एक माह बाकी है। यही स्थिति हमीरपुर जिले की भी है। यहां औसत बारिश का पैमाना 805 मिलीमीटर है।
हमीरपुर में अब तक 955 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। यह औसत से 150 मिलीमीटर से ज्यादा है। वहीं चित्रकूट और महोबा जिले में मानसून शायद कुछ रूठा हुआ दिखाई पड़ रहा है। चित्रकूट जिले में 830 मिलीमीटर औसत बारिश के सापेक्ष अब तक मात्र 537 मिलीमीटर बारिश ही हुई है।
यहां औसत से 297 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। महोबा जिले में भी 805 मिलीमीटर औसत के विपरीत अभी तक 602 मिलीमीटर पानी बरसा है। 203 मिलीमीटर की कमी है। हालांकि, अभी एक माह बाकी है। माना जा रहा कि इस अवधि में औसत बारिश का पैमाना पूरा हो जाएगा।
चित्रकूटधाम मंडल में मानसून का पैमाना (मिलीमीटर में)
जनपद औसत हुई वर्षा कम/अधिक
बांदा 830 1004.20 174.20
चित्रकूट 830 537 297
महोबा 805 602 203
हमीरपुर 805 955 150
औसत- 817.5 774.58 824.20
नोट- ये आंकड़े चित्रकूटधाम मंडल सिंचाई विभाग के हैं।
बारिश से नहीं हुआ अधिकांश बांधों का भला
तीन माह की मानसूनी बारिश चित्रकूटधाम मंडल के अधिकांश बांधों का कुछ खास भला नहीं कर पाई है। चित्रकूटधाम मंडल में 13 बांध हैं। इनमें से मात्र तीन बांधों में संतोषजनक पानी भर पाया है। शेष की हालत पतली है।
कुछ बांध तो मात्र 14 से 18 फीसदी ही भर पाएं हैं। महोबा जनपद में अर्जुन बांध और चंद्रावल बांधों को इस बारिश ने लबालब कर दिया है। यह दोनों क्रमश: 99 व 98 फीसदी भर गए हैं। इसी तरह से कबरई बांध में 68 प्रतिशत पानी का स्टाक हुआ है।
चित्रकूट का रसिन बांध 76 प्रतिशत भर गया है। मानसून के शेष एक माह में बांध न भरे तो मंडल के लगभग सभी जिलों को आने वाले दिनों में खेत और पेट के पानी का संकट झेलना पड़ सकता है।
मंडल के बांधों का मौजूदा जलस्तर (मीटर में) और भरने का प्रतिशत
बांध जलस्तर भरने का प्रतिशत
गंगऊ (छतरपुर) 223.81 51
रनगवां (छतरपुर) 225.12 19
बरियारपुर (पन्ना) 185.41 42
ओहन (चित्रकूट) 163.73 16
बरुआ (चित्रकूट) 141.94 18
रसिन (चित्रकूट) 141.40 76
गुंता (चित्रकूट) 119.80 49
अर्जुन (महोबा) 176.14 99
चंद्रावल (महोबा) 152.24 98
कबरई (महोबा) 153.31 68
मझगवां (महोबा) 220.21 18
उर्मिल (महोबा) 231.40 14
मौदहा (हमीरपुर) 145.40 55
मौदहा बांध में खूब बरसे मेघा
चित्रकूटधाम मंडल के बांध क्षेत्रों में बारिश के आंकड़े अलग-अलग हैं। पहली जून से अब तक सबसे ज्यादा 715 मिमी बारिश मौदहा बांध में हुई है। दूसरे नंबर पर गंगऊ बांध/वियर है, यहां 571 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है।
उर्मिल बांध में 430, बरुआ बांध में 414, रसिन बांध में 407, रनगवां बांध में 382, चंद्रावल बांध में 295, अर्जुन बांध में 290, ओहन बांध में 249, मझगवां बांध में 276, गुंता बांध में 275, रसिन बांध में 267, कबरई बांध में 235 और बरियारपुर बांध में 218 मिलीमीटर बारिश हुई है।
गंगऊ से 11,990 क्यूसेक पानी छूटा---
पिछले कई दिनों से मध्य प्रदेश की घाटियों में हो रही बारिश से गंगऊ और बरियारपुर बांध/वियर फिर उफना गए हैं। दोनों की क्रस्टवाल लांघकर पानी केन नदी में गिर रहा है। गंगऊ बांध में शुक्रवार को 10,990 और बरियारपुर बांध से 5,780 क्यूसेक पानी केन नदी में गिरता रहा।

इस बाबत सिंचाई विभाग के अवर अभियंता वेद प्रकाश गोड़ ने बताया कि बांध और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
मंडल की नदियां लाल निशान से नीचे
कई दिनों से हो रही बारिश से मंडल की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर मामूली रूप से बढ़ा है। फिलहाल खतरे के निशान से यह सभी काफी पीछे हैं।
केन (बांदा): जलस्तर 95.13 मीटर। खतरे का निशान 104 मीटर।
यमुना चिल्ला घाट (बांदा): जलस्तर 89.23 मीटर। खतरे का निशान 100 मीटर।
यमुना (हमीरपुर): जलस्तर 94.28 मीटर। खतरे का निशान 103.63 मीटर।
बेतवा (हमीरपुर): जलस्तर 93.99 मीटर। खतरे का निशान 104.54 मीटर।
केन नहर में पानी चालू
गंगऊ और बरियारपुर बांधों के उफना जाने से केन नहर लगातार चलाई जा रही है। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता श्याम जी चौबे के मुताबिक केन मुख्य नहर में 1775 क्यूसेक, अतर्रा ब्रांच से 1350 क्यूसेक और बांदा ब्रांच में 240 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
अधीक्षण अभियंता ने किसानों से कहा है कि नहर और पटरी को नुकसान न पहुंचाएं।

maanasoon do rukhee, chitrakoot-mahoba dukhee

maanasoon do rukhee, chitrakoot-mahoba dukhee- फोटो : BANDA

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