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अवैध खनन मामले में 11 फरवरी को एनजीटी नई दिल्ली में होगी पेशी, 710 को हाजिर होने की नोटिस

Thu, 29 Jan 2015 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Thu, 29 Jan 2015 12:04 AM IST
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llegal mining case in New Delhi on February 11 NGT muscle

अवैध खनन के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में दायर की गई समाजसेवी की याचिका से अब अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई की बड़ी तलवार तन गई है।

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पिछले माह एनजीटी ने यहां के अधिकारियों से अवैध खनन/परिवहन में लिप्त वाहन स्वामियों की सूची तलब की थी। खनिज विभाग ने 710 लोगों को नोटिस जारी कर उन्हें 11 फरवरी तो एनजीटी में उपस्थित होने का आदेश दिया है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों के वाहन स्वामी भी शामिल हैं।
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समाजसेवी बृजमोहन यादव (उदयपुर) ने हरित न्यायाधिकरण, नई दिल्ली, एनजीटी में वर्ष 2013 से अवैध खनन के विरुद्ध याचिका दायर कर रखी है। इस पर एनजीटी बेंच लगातार सुनवाई कर रही है। एनजीटी ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अग्नेय सेल को लोकल कमिश्नर नियुक्त कर यहां जांच के लिए भेजा था।
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वह यहां आकर केन और बागै नदियों में हो रहे अवैध खनन की जांच कर गए थे। लोकल कमिश्नर की जांच रिपोर्ट के बाद पिछले माह दिसंबर मेें एनजीटी ने प्रदेश सरकार और बांदा प्रशासन को आदेश दिया था कि जनपद में अवैध खनन/परिवहन में लिप्त वाहन स्वामियों को 11 फरवरी 2015 को एनजीटी में उपस्थित कराएं।

एनजीटी के इस आदेश पर यहां खनिज विभाग ने फौरी कार्रवाई शुरू करते हुए अब तक अवैध खनन में पकड़े जा चुके ट्रक और ट्रैक्टर के स्वामियों की सूची तैयार की है। इन्हें जिलाधिकारी की ओर से नोटिस जारी की गई है।

इसमें एनजीटी के आदेश का हवाला देकर वाहन स्वामियों से कहा गया है कि 11 फरवरी को एनजीटी, नई दिल्ली में साक्ष्यों सहित उपस्थित हों। खनिज अधिकारी ने बताया कि लगभग 710 नोटिसें जारी की जा रही हैं। इन्हें तहसीलदार के माध्यम से भेजा जा रहा है।

यूपी के अलावा अन्य राज्यों के भी वाहन स्वामियों को भी नोटिस
एनजीटी बेंच के सामने हाजिर होने के लिए जारी की जा रही नोटिसों में न सिर्फ बांदा और उत्तर प्रदेश बल्कि देश के अन्य प्रदेशों के लोग भी शामिल हैं। यूपी सहित एमपी, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों के वाहन स्वामियों को भी नोटिस भेजी जा रही है। 

एनजीटी के आदेश के बाद खनिज विभाग ने उन सभी ट्रैक्टर और ट्रकों के स्वामियों को नोटिस भेजी है जो पूर्व में अवैध खनन के मामले में पकड़े जा चुके हैं। इनमेें तमाम ट्रक यूपी के तमाम जनपदों और अन्य राज्यों के भी हैं। हालांकि जब यह पकड़े गए थे तब इन पर खनिज विभाग ने कार्रवाई और जुर्माना किया था। सूत्रों के मुताबिक, अब खनिज विभाग अपनी खाल बचाने के लिए फिर इन्हीं को बली का बकरा बनाने की जुगत में है।


लोकायुक्त के सवालों का भी खनिज विभाग को देना है जवाब

एनजीटी के साथ ही यहां के खनिज विभाग को अवैध खनन मामले में उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त की जांच और सवाल जवाबों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसी माह लोकायुक्त ने प्रदेश के खनिज निदेशक से 15 सवालों का जवाब मांगा था। इनका उत्तर देने के लिए 28 जनवरी अंतिम तिथि थी।

लोकायुक्त ने बांदा, हमीरपुर, जालौन, झांसी आदि जनपदों के पट्टाधारकों की सूची तलब की थी। यह भी पूछा था कि बांदा की तत्कालीन डीएम शीतल वर्मा ने अवैध खनन से शहर के बहने की आशंका जताने संबंधी लिखी गई चिट्ठी पर क्या कार्रवाई हुई? पांच एकड़ से छोटे कितने पट्टों का नवीनीकरण हुआ। किस पट्टा धारक को कितने क्षेत्र का पट्टा दिया गया और कितना खनन हुआ?

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