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फसलों के लिए बारिश ‘संजीवनी’, किसानों के चेहरे खिले
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 02 Jan 2015 12:03 AM IST
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बारिश ने ठंड में और इजाफा कर दिया लेकिन किसानों के चेहरे जरूर खिल गए। यह रिमझिम बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ.मुलायम सिंह परिहार का कहना है कि फसलों के लिए इस बारिश से कोई नुकसान नहीं है। अलबत्ता अरहर में जहां फूल आ गए हैं वह कुछ प्रभावित हो सकती है। चना व मसूर में फूल नहीं है। इसलिए नुकसान नहीं, बल्कि फायदेमंद है। गेहूं के लिए भी यह बारिश लाभकारी है।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही वातावरण सप्ताह भर रहा तो चना व मसूर को कुछ नुकसान हो सकता है। अरहर में पाला की संभावना थी, लेकिन बारिश से यह फिलहाल टल गया है।
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उधर बेमौसम की बारिश से ‘डेड स्टोर’ हो चुके बांधों मेें कुछ पानी भंडार की संभावनाएं बढ़ गई हैं। मध्य प्रदेश में हो रही तेज बारिश अगर बांधों के इनकैचमेंट एरियार में भी पहुंच गई तो बांधों का सूखापन खत्म हो सकता है। बृहस्पतिवार को गंगऊ, रनगवां और बरियारपुर में क्रमश: 20, 10, 5 मिलीमीटर (कुल 35 मिलीमीटर) बारिश हुई है।
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अभी तीनों बांधों का जल स्तर क्रस्टवाल के नीचे ही है। गंगऊ बांध का जलस्तर 708, रनगवां का 732.4 और बरियारपुर का 602.5 फीट है। उधर बुधवार की रात से ही शुरू हुई बारिश ने ठंडक और बढ़ा दी है। ऐसे में हाड़कंपाऊ ठंड में लोगाें का बुरा हाल है। ऐसे मौसम में लोगों ने नए साल का आनंद घर पर ही रहकर मनाया।