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कस्बों और गांवों में भी ठप रहा जनजीवन

Sun, 22 Mar 2020 10:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2020 10:09 PM IST
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Life is stagnating in towns and villages
मरीज नहीं आए तो शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डा.मोहम्मद रफीक घर के लॉन में बैठकर पढ़ते अखबार। - फोटो : BANDA
बांदा। जनता कर्फ्यू का असर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में भी रहा। सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक सभी कारोबार, दुकानें और बाजार बंद रहे। यातायात भी ठप रहा। गांव के लिंक रोड से लेकर स्टेट और हाईवे तक सूने नजर आए।
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बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक कस्बे में सुबह से ही कर्फ्यू का असर नजर आया। मुख्य सड़कों से लेकर बस्ती की गलियां तक सूनी रहीं। एसडीएम महेंद्र प्रताप, सीओ राजीव प्रताप सिंह ने कस्बा सहित साथी, सया, मरौली, कमासिन आदि गांवों का भ्रमण किया। कोतवाली प्रभारी भी कस्बे में भ्रमण पर रहे।
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अतर्रा प्रतिनिधि के मुताबिक गौराबाबा धाम के पट बंद रहे। पूरा नगर सूना रहा। सभी तरह के कारोबार और दुकानों में ताले लटके रहे। ओरन प्रतिनिधि के मुताबिक चाय, पान, मेडिकल स्टोर, सब्जी तक की दुकानें बंद रहीं। रोडवेज और प्राइवेट बसों का संचालन भी नहीं हुआ। मंदिर भी नहीं खुले। ओरन सहित सिंहपुर, शाहपुर, रानीपुर, बाघा, तेंदुरा, नांदनमऊ में भी जनता कर्फ्यू प्रभावी रहा।
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नरैनी प्रतिनिधि के मुताबिक भीड़भाड़ पूरी तरह नदारद रही। जनता कर्फ्यू का भरपूर असर दिखा। पुलिस और अधिकारियों तथा मीडिया कर्मियों के अलावा सड़कों पर कोई नजर नहीं आया। तिंदवारी प्रतिनिधि के मुताबिक पूरा कस्बा सुनसान रहा। सिकंदरपुर से लेकर पेट्रोलपंप, पपरेंदा तिराहा से काला शहीद बाबा तक सभी दुकानें बंद रहीं। कस्बे से निकला बांदा-टांडा नेशनल हाईवे भी सूना रहा।
रोजाना सैकड़ों मरीज से भरपूर रहने वाले पीएचसी में सिर्फ दो मरीज वह भी मारपीट के आए। पिपरगवां, गोधनी, गरौंती, भुजौली, सैमरी, मूंगुस, गोखरही, छापर, अमलीकौर, धौंसड़, बेंदा, परसौड़ा, जमुआ, मिरगहनी गांवों में भी जनता कर्फ्यू का असर रहा। पुलिस गश्त करती रही। चिल्ला गांव में भी पुलिस ने भ्रमण किया।
मटौंध प्रतिनिधि के मुताबिक पूरा कस्बा सन्नाटे में डूबा रहा। थाना इंस्पेक्टर रामेंद्र तिवारी, एसआई सुल्तान सिंह और यूपी-112 पुलिस भ्रमण पर रही। इस बीच महानगरों से लौटे 15 मजदूरों की नगर पंचायत अध्यक्ष चौधरी सुधीर सिंह, नाना शुक्ला, पारथ कुमार, राघवेंद्र पांडेय, सोनू सिंह आदि ने पीएचसी में जांच करवाई। डा.अनुपम गुप्ता व डा.रजनीश गुप्ता ने जांच की। उन्होंने बताया किसी भी मजदूर को कोरोना के लक्षण नहीं मिले।
बदौसा प्रतिनिधि के मुताबिक चौतरफा बंद और सन्नाटे के बीच कुछ अफवाहें भी दौड़ीं। व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष वामरे, शिवप्रसाद, शिवा, धर्मेंद्र, विनय गौतम, अभय जैन, मुलायम सिंह यादव आदि ने लोगों को जनता कर्फ्यू का सम्मान करने को प्रेरित किया।

खत्री पहाड़ प्रतिनिधि के मुताबिक विंध्यवासिनी देवी खत्री पहाड़ मंदिर में भी सन्नाटा रहा। आसपास के गांव में भी गलियां सूनी रहीं। उधर, स्योढ़ा निहालपुर गांव में सात लोग वापस आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल उनकी जांच नहीं कराई।

अतर्रा में यूं गश्त किया पुलिस ने।

अतर्रा में यूं गश्त किया पुलिस ने।- फोटो : BANDA

बांदा में भिखारियों को मॉस्क बांटती एक बेटी।

बांदा में भिखारियों को मॉस्क बांटती एक बेटी।- फोटो : BANDA

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