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आओ मिलकर खाएं कसम, बेटी को जिंदा न जलाया जाए

Wed, 15 Dec 2021 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 11:54 PM IST
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Let's take an oath together, daughter should not be burnt alive
Let's take an oath together, daughter should not be burnt alive - फोटो : BANDA
बांदा। दिलों से भेद ये मजहब का मिटाया जाए, यानी इंसान को इंसान बनाया जाए, आओ हम सब मिलकर खाएं कसम, किसी भी बेटी को जिंदा न जलाया जाए। बेटियों के प्रति सम्मान और देश के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले जांबाजों को श्रद्धांजलि के बीच मंगलवार की शाम कवि सम्मेलन और मुशायरे के नाम रही।
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राष्ट्रीय एकता पर आयोजित कवियों और शायरों की इस महफिल में सभी ने हाल ही में शहीद हुए देश के रक्षा प्रमुख और 11 अन्य सैनिक अफसरों को अपनी कविताओं और शेरों से श्रद्धांजलि दी। कविगुरु आशीष ने बेटी बचाने और दिलों से धर्म-मजहब का भेद मिटाने की प्रेरणा देने वाली रचना सुनाई। आकाश उमंग (बाराबंकी) और आदित्य कौशल ने मां की महिमा बयां की।
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फिरोजाबाद से आए मजाहिया (हास्य व्यंग्य) शायर जीरो बांदवी ने महफिल को यूं हंसाया- फटे जूतों पर पालिश हो रही है, नए वादों की बारिश हो रही है, इलेक्शन का जमाना आ गया है, गधों की रोज मालिश हो रही है। हंसी के एक और शायर अब्बा बांदवी ने पढ़ा- ये है सरकार का पैगाम पकौड़े बेचो, सात बरसों में ये है इनाम पकौड़े बेचो।
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कवयित्री आयुषी त्रिपाठी ने सुनाया- शहादत में रखे शव की तिरंगा ही निशानी हो, हो वंदे मातरम अंतिम क्षण मेरे मुख पर, मेरे भारत की खातिर खत्म मेरी जिंदगानी हो। कवियत्री ज्योति सिंह राजपूत ने धर्म-मजहब में बांटने वालों को इंसान बनने की प्रेरणा दी। शायर डॉ. इजहार खालिद ने सैन्य अफसरों की शहादत पर कहा- बनके सच्चा राष्ट्रवादी काटी सारी जिंदगी, देश सेवा में हुई कुर्बा तुम्हारी ज््दिगी।
शमीम बांदवी ने सुनाया- हम जान तो दे देंगे सरहद की लकीरों पर, दुश्मन को कभी अपना कश्मीर नहीं देंगे। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि डा.चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ललित ने बांदा के सौहार्द पर चर्चा की।
कवि सम्मेलन और मुशायरे में शिवम हतगामी, दीपा पटेल, शिफा खान, आलोक अज्ञानी (झांसी), संजय निगम अकेला, विवेक उन्मुक्त आदि ने भी अपनी रचनाएं/शायरी पेश की। दीप जलाकर उद्घाटन जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष एजाज अहमद, महासचिव सत्यदेव त्रिपाठी, अधिवक्ता अशोक दीक्षित, डा.शेख सादी जमां, तिरंगा समिति अध्यक्ष शोभाराम कश्यप, डॉ. धनंजय सिंह आदि ने किया।

मेजबान शायर नजरे आलम, अंजू दमेले आदि ने कवि/शायरों का स्वागत किया और आभार जताया। संचालन अनुराग विश्वकर्मा ने किया। सेवर्स ऑफ लाइफ संगठन अध्यक्ष सलमान खां, सभासद लल्लू खां, संजय काकोनिया, पूर्व चेयरमैन राजकुमार राज, रोटी बैंक अध्यक्ष रिजवान अली, रवि श्रीवास्तव, शिवानी तिवारी आदि उपस्थित रहीं।
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