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चारा मिला तो सुधरने लगी दुर्बल गायों की सेहत
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:34 PM IST
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बांदा। अन्ना गायों की भूख मिटाने के लिए धर्म गुरुओं
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की अपील के बाद मदद के लिए और लोगों ने हाथ बढ़ाए हैं। बुंदेलखंड के कई
जनपदों के लोगों ने गायों को भूसा, चारा और पानी के लिए दान दिया है।
उधर, बड़ोखर खुर्द गांव में स्थापित किए गए काऊ गेस्ट हाउस में दोनों समय भरपूर भूसा और पीने को पानी मिलने से दुर्बल गायों की सेहत मेें सुधार हो रहा है। उन्हें सुरक्षित और साफ सुथरी जगह में विचरण सुविधा मिल गई है।
अधिकांश गायें सुबह भूसा खाने के बाद आसपास इलाकों में विचरण के लिए निकल जाती हैं। शेष गेस्ट हाउस में ही रहती हैं। शाम होते ही विचरण को गईं अन्ना गायें फिर वापस आ जाती हैं।
काऊ गेस्ट हाउस के प्रबंधक प्रेमसिंह और पुष्पेंद्र भाई ने गायों की रखवाली और सेवा के लिए स्थायी रूप से एक व्यक्ति को पारिश्रमिक पर रखा है। उसे हर माह मानदेय दिया जाएगा। प्लास्टिक के ड्रमों की जगह-जगह कई चरही बनाई गई हैं। गायों को इसी में भूसा दिया जा रहा है।
उधर, बड़ोखर खुर्द गांव में स्थापित किए गए काऊ गेस्ट हाउस में दोनों समय भरपूर भूसा और पीने को पानी मिलने से दुर्बल गायों की सेहत मेें सुधार हो रहा है। उन्हें सुरक्षित और साफ सुथरी जगह में विचरण सुविधा मिल गई है।
अधिकांश गायें सुबह भूसा खाने के बाद आसपास इलाकों में विचरण के लिए निकल जाती हैं। शेष गेस्ट हाउस में ही रहती हैं। शाम होते ही विचरण को गईं अन्ना गायें फिर वापस आ जाती हैं।
काऊ गेस्ट हाउस के प्रबंधक प्रेमसिंह और पुष्पेंद्र भाई ने गायों की रखवाली और सेवा के लिए स्थायी रूप से एक व्यक्ति को पारिश्रमिक पर रखा है। उसे हर माह मानदेय दिया जाएगा। प्लास्टिक के ड्रमों की जगह-जगह कई चरही बनाई गई हैं। गायों को इसी में भूसा दिया जा रहा है।