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श्रीकृष्ण ने बचाई द्रोपदी की लाज
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 11 Apr 2016 11:55 PM IST
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अतर्रा में रासलीला में मनमोहक दृश्य पेश करते वृंदावन के कलाकार
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अतर्रा। गौराबाबा धाम में श्रीकृष्ण रास लीला में सोमवार को द्रोपदी चीर हरण का मनोहारी मंचन कलाकारों ने किया। संगीतमय भजनों में दर्शक झूमते रहे। व्यास देवकी नंदन शर्मा (वृंदावन) की देखरेख में कलाकारों ने सुंदर मंचन किया।
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दुर्योधन और पांडवों के बीच जुआं (चौसर) का खेल होता है। इस दौरान युधिष्ठिर द्रौपदी को भी दांव में लगाते हैं और हार जाते हैं। दुर्योधन के कहने पर दुशासन द्रौपदी को घसीटकर लाता है। उसका चीरहरण करता है।
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भगवान श्रीकृष्ण की वंदना कर द्रौपदी लाज बचाने की विनती करती है। करुणाकर श्रीकृष्ण की कृपा से चीर (साड़ी) इतनी बड़ी हो गई कि कौरव खींच ही नहीं सके। इस तरह उसकी लाज बची। कथा व्यास ने कहा कि इंसान में अहंकार नहीं स्वाभिमान होना चाहिए।
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मर्यादित होकर काम करना चाहिए। तभी भगवान रक्षा करते हैं। राजकिशोर शिवहरे, सचिन सिंह, अवधेश गुप्ता, भरतलाल गुप्ता, राजकुमार विश्वकर्मा, राजेंद्र कुमार शर्मा, राजेंद्र गुप्ता, बच्चा पांडेय, साकेत बिहारी मिश्रा आदि मौजूद रहे।