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कालिंजर दुर्ग पर वृत्तचित्र फिल्म
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 15 Sep 2015 11:45 PM IST
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ऐतिहासिक और पुरातत्व धरोहर प्रसिद्ध कालिंजर दुर्ग पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जा रही है। एक घंटे की इस फिल्म का निर्माण पुरातत्व विभाग लखनऊ कर रहा है। जल्द ही इसे कालिंजर दुर्ग के हाल में पर्यटकों को दिखाया जाएगा। यह जानकारी कालिंजर विकास संस्थान के संयोजक बीडी गुप्त ने दी।
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श्री गुप्ता सोमवार को पुरातत्व विभाग लखनऊ सर्किल के सुपरिटेंडेंट आर्कियोलाजिस्ट एमके पाठक के दुर्ग के निरीक्षण के समय मौजूद थे। एमके पाठक ने हाल में चार्ज संभाला है। उन्होंने कालिंजर की उपेक्षा पर अफसोस जताया।
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दुर्ग का भ्रमण करके लौटे श्री पाठक ने बांदा में आयोजित दुर्ग विकास गोष्ठी में भाग लिया।
उन्होंने बेबाकी से स्वीकारा कि देश के इस सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक दुर्ग जो विश्व धरोहर है, को पुरातत्व विभाग ने ही उपेक्षित कर रखा है। उन्होंने कहा कि पर्यटक यहां की पहली जरूरत है। अच्छी सड़क और सुरक्षा प्रदेश सरकार को देनी चाहिए।
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इस बारे में वे प्रदेश के पर्यटन सचिव अमृत अभिजात से लखनऊ में मिलेंगे। कालिंजर दुर्ग के ऐसे विकास पर विस्तार से बात करेंगे, जिससे पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि कालिंजर की धार्मिक महिमा और ऐतिहासिक महत्ता पर पुरातत्व विभाग द्वारा फिल्म बनाई जा रही है।
यह फिल्म पर्यटकों को कालिंजर में दिखाई जाएगी। उन्होंने बताया कि दुर्ग के नीलकंठ मंदिर परिसर और राजा अमान सिंह संग्रहालय में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कर दी गई है। कालिंजर विकास संस्थान संयोजक बीडी गुप्त ने दुर्ग की मूर्तियों के तेजी से हो रहे क्षरण पर सुपरिंटेंडेंट का ध्यान आकृष्ट कराया।
उन्होंने मूर्तियों को केमिकल ट्रीटमेंट से सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया। वीरेंद्र कुमार पप्पू ने दुर्ग में विभागीय महोत्सव की मांग की। श्री पाठक ने कहा कि जल्द ही पुन: कालिंजर आएंगे। यहां के विकास और संरक्षण के लिए अध्ययन करेंगे। इसमें क्षेत्रीय जनता का सहयोग लिया जाएगा। संयोजक श्री गुप्त ने उन्हें दुर्ग से जुड़े इतिहास की जानकारी दी।