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कालिंजर में नीलकंठ के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

Tue, 24 Nov 2015 10:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा।
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा। Updated Tue, 24 Nov 2015 10:24 PM IST
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Jay philosophy of the faithful descended kalinjar

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कालिंजर। कार्तिक पूर्णिमा के ऐतिहासिक मेले में भगवान नीलकंठ के दर्शन को मंगलवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्तिक स्नान करने वाली महिला भक्तों ने सुबह चार बजे से ही पौराणिक तालाबों में स्नान-दान कर खुशहाली की कामना की।

कालिंजर का ऐतिहासिक व पौराणिक दुर्ग अपनी अजेयता, भारत की विश्व कला धरोहर, वास्तु मूर्ति कला में अद्वितीय है। इसकी गणना चंदेलों के आठ प्रमुख दुर्ग में से प्रमुख है। यह तपोभूमि शक्ति पीठ, तंत्र साधना और मठ के रूप में अहम साधन का केंद्र रहा है। खंभौर तालाब सुतीक्ष्ण आश्रम था। त्रेता में वनवास के समय श्रीराम एवं महाभारत काल में अज्ञातवास में पांडव यहां ठहरे हुए थे। इस दुर्ग के प्रमुख देवता भगवान नीलकंठ (शिव) हैं। बताते हैं मार्केण्य ने दीर्घायु होने का वरदान यहीं से प्राप्त किया था।

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मेले में दूर-दराज से आए व्यवसायियों ने करीब एक किलोमीटर परिक्षेत्र में दुकानें सजा ली हैं। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। मेला को नियंत्रित करने के लिए बघेलाबारी, सतना, पन्ना, बांदा मार्गों पर बैरियर लगाए गए हैं। परिवहन निगम की अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। माह भर कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं यहां नीलकंठ के दर्शन कर व्रत तोड़ती हैं।
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