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अंधाधुंध अवैध खनन, सड़कों पर बालू डंप
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:58 PM IST
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बांदा/करतल। हाईकोर्ट की रोक के बाद भी अवैध खनन और
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बालू की ढुलान पर रोक नहीं लगी। मध्य प्रदेश की सीमा से जुड़े नरैनी
क्षेत्र में अवैध खनन की बालू बेखौफ होकर मुख्य सड़क पर डंप की जा रही है।
उधर, किसान यूनियन ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर अवैध खनन कड़ाई से रोकने की मांग की है। कमासिन क्षेत्र में अवैध खनन न रुकने पर डीडीसी समेत ग्रामीणों ने 29 फरवरी से अनशन की चेतावनी दी है।
नरैनी क्षेत्र के बिल्हरका गांव में केन नदी से बालू का अवैध खनन कर नरैनी-करतल मुख्य सड़क पर डंप किया जा रहा है। बाद में यह बालू ऊंचे दामों पर दूर-दराज तक भेजी जाती है।
रात होते ही अवैध खनन का खेल तेज हो जाता है। थाने से मात्र चार किलोमीटर दूरी पर मुख्य सड़क पर बालू का ढेर लगा है। इससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
उधर, भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने पीएम को भेजे ज्ञापन में यूपी-एमपी मेें नदी की जलधाराओं को रोककर बालू का अवैध खनन और पत्थरों के अवैध खनन की शिकायत की है। कहा है कि भारी-भरकम मशीनों से नदियों का बहाव रोका जा रहा है।
हाईकोर्ट की रोक के बावजूद मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है। सिंडीकेट के रूप में सरकार करोड़ों रुपये वसूल रही है। इसी तरह पहाड़ों की अवैध तुड़ान हो रही है। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश सचिव मनरूप सिंह परिहार समेत दलपत सिंह, महेश सिंह परिहार, मुन्ना सिंह, राजकरन सिंह, सुमित्रा, रामस्वरूप वाजपेई आदि शामिल रहे।
उधर, कमासिन क्षेत्र के लोहरा व स्योहद गांवों में बागै नदी से अवैध खनन किसानों के खेतों की मेड़ काटकर अवैध बनाए गए रास्ते से निकाले जा रहे बालू के ट्रैक्टरों की ग्रामीणों ने डीएम से फिर शिकायत की है। पूर्व में भी वह शिकायत कर चुके हैं।
जिला पंचायत सदस्य अरुण कुमार सिंह सहित रामजीत सिंह, गंगा सागर, बुद्धविलास, इंद्र कुमार, भानु प्रताप सिंह आदि ने कहा है कि तत्काल अवैध खनन नहीं रोका गया तो 29 फरवरी से मुख्यालय में अशोक लाट पर अनशन शुरू करेंगे।
उधर, किसान यूनियन ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर अवैध खनन कड़ाई से रोकने की मांग की है। कमासिन क्षेत्र में अवैध खनन न रुकने पर डीडीसी समेत ग्रामीणों ने 29 फरवरी से अनशन की चेतावनी दी है।
नरैनी क्षेत्र के बिल्हरका गांव में केन नदी से बालू का अवैध खनन कर नरैनी-करतल मुख्य सड़क पर डंप किया जा रहा है। बाद में यह बालू ऊंचे दामों पर दूर-दराज तक भेजी जाती है।
रात होते ही अवैध खनन का खेल तेज हो जाता है। थाने से मात्र चार किलोमीटर दूरी पर मुख्य सड़क पर बालू का ढेर लगा है। इससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
उधर, भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने पीएम को भेजे ज्ञापन में यूपी-एमपी मेें नदी की जलधाराओं को रोककर बालू का अवैध खनन और पत्थरों के अवैध खनन की शिकायत की है। कहा है कि भारी-भरकम मशीनों से नदियों का बहाव रोका जा रहा है।
हाईकोर्ट की रोक के बावजूद मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है। सिंडीकेट के रूप में सरकार करोड़ों रुपये वसूल रही है। इसी तरह पहाड़ों की अवैध तुड़ान हो रही है। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश सचिव मनरूप सिंह परिहार समेत दलपत सिंह, महेश सिंह परिहार, मुन्ना सिंह, राजकरन सिंह, सुमित्रा, रामस्वरूप वाजपेई आदि शामिल रहे।
उधर, कमासिन क्षेत्र के लोहरा व स्योहद गांवों में बागै नदी से अवैध खनन किसानों के खेतों की मेड़ काटकर अवैध बनाए गए रास्ते से निकाले जा रहे बालू के ट्रैक्टरों की ग्रामीणों ने डीएम से फिर शिकायत की है। पूर्व में भी वह शिकायत कर चुके हैं।
जिला पंचायत सदस्य अरुण कुमार सिंह सहित रामजीत सिंह, गंगा सागर, बुद्धविलास, इंद्र कुमार, भानु प्रताप सिंह आदि ने कहा है कि तत्काल अवैध खनन नहीं रोका गया तो 29 फरवरी से मुख्यालय में अशोक लाट पर अनशन शुरू करेंगे।