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पंजाब आर्मरी डकैती के विवेचक से आईजी ने मांगा स्पष्टीकरण
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बांदा शहर की पंजाब आर्मरी बंदूक की दुकान।
- फोटो : BANDA
बांदा। शहर के चर्चित पंजाब आर्मरी (बंदूक की दुकान) में 13 दिसंबर 2017 की रात पड़ी डकैती और बड़ी संख्या में असलहे, कारतूस और नकदी लूट मामले में शहर कोतवाली पुलिस की लापरवाही और विवेचना में ढिलाई पर चित्रकूटधाम मंडल के पुलिस महानिरीक्षक ने कड़ी नाराजगी जताई है।
उन्होंने विवेचक से स्पष्टीकरण तलब किया है। विवेचक सहित पर्यवेक्षण अधिकारी को कड़ी चेतावनी दी है। पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया कि एक माह में विवेचना का निस्तारण कर अवगत कराएं।
शहर के व्यस्त इलाके स्टेशन रोड पर वृद्ध चौकीदार रतीराम के हाथ-पैर बांधकर दुकान में ही बंधक बनाने के बाद दुकान में रखी 20 राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल, बंदूक, चार हजार कारतूस तथा 48,900 रुपये लूट लिए थे। बोलरो में सभी असलहे और कारतूस रखकर भागे बदमाशों को अगले ही दिन सुबह महाराष्ट्र के नासिक जिले की चांदवाड़ा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर बरामद कर लिया था।
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बांदा शहर कोतवाली में धारा 395, 412, 120 बी, 216 ए आईपीसी और दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा पकड़े 12 बदमाशों को बाद में यहां ले आया गया। ये अभी भी जेल में हैं। दो आरोपी फरार हैं। इसकी प्रारंभिक विवेचना बांदा शहर कोतवाली तत्कालीन इंस्पेक्टर शशि कुमार पांडेय ने की।
शनिवार को चित्रकूटधाम मंडल के पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायन ने इस घटना में की गई कार्रवाई की समीक्षा की। महानिरीक्षक ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई कि लगभग तीन साल बाद भी दो अभियुक्त गिरफ्तार नहीं किए गए और न ही लूटे गए असलहे आदि नासिक से बांदा लाने के लिए आदेश लिया गया।
आईजी ने कहा कि विवेचक विवेचना में सिर्फ औपचारिकता कर रहे हैं। इस पर विवेचक से स्पष्टीकरण तलब किया। निर्देश दिया कि बांदा जेल में बंद इस घटना के आरोपियों से पूछताछ कर उनका शिजरा/आपराधिक इतिहास विवेचना में शामिल किया जाए। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाए और कुर्की आदि की कार्रवाई की जाए। पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया कि एक माह में विवेचना का विधिक निस्तारण कराकर परिणाम से अवगत कराएं।
पंजाब आर्मरी डकैती में बांदा जेल में बंद आरोपी
1. नागेश पुत्र राजेंद्र बानसोड़े (बड़ाला, मुंबई), 2. सलमान पुत्र अमान उल्ला (भिवंडी, मुंबई), 3. बदीउज्जमा उर्फ सुक्का पाशा (मुंबई), 4. वाजिद पुत्र फैज अली (मुंबई), 5. आमिर पुत्र रफीक शेख (भिवंडी, मुंबई,), 6. संजय सालुके पुत्र सूर्यकांत (मुंबई), 7. मोहम्मद सलमान पुत्र अनवर कुरैशी (मुंबई), 8. मो. जैद पुत्र मो. शरीफ (हथौरा, बांदा), 9. मुन्नू लंगड़ा उर्फ मामूद पुत्र महबूब (हाथीखाना, बांदा), 10. भुल्लू शेख उर्फ हबीबुर्रहमान पुत्र इमाम बक्श (हरदौली, बांदा), 11. वहाउद्दीन पुत्र जैनुद्दीन (हथौरा, बांदा), 12. मो. मोसाब पुत्र मतीन (हथौरा, बांदा)। इनके अलावा दो अभियुक्त अभी फरार हैं। इनमें 1. पोले उर्फ अमान उल्ला (हथौरा, बांदा) और अख्तरल पुत्र फूल्ली (हथौरा, बांदा) शामिल है।
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उन्होंने विवेचक से स्पष्टीकरण तलब किया है। विवेचक सहित पर्यवेक्षण अधिकारी को कड़ी चेतावनी दी है। पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया कि एक माह में विवेचना का निस्तारण कर अवगत कराएं।
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शहर के व्यस्त इलाके स्टेशन रोड पर वृद्ध चौकीदार रतीराम के हाथ-पैर बांधकर दुकान में ही बंधक बनाने के बाद दुकान में रखी 20 राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल, बंदूक, चार हजार कारतूस तथा 48,900 रुपये लूट लिए थे। बोलरो में सभी असलहे और कारतूस रखकर भागे बदमाशों को अगले ही दिन सुबह महाराष्ट्र के नासिक जिले की चांदवाड़ा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर बरामद कर लिया था।
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बांदा शहर कोतवाली में धारा 395, 412, 120 बी, 216 ए आईपीसी और दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा पकड़े 12 बदमाशों को बाद में यहां ले आया गया। ये अभी भी जेल में हैं। दो आरोपी फरार हैं। इसकी प्रारंभिक विवेचना बांदा शहर कोतवाली तत्कालीन इंस्पेक्टर शशि कुमार पांडेय ने की।
शनिवार को चित्रकूटधाम मंडल के पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायन ने इस घटना में की गई कार्रवाई की समीक्षा की। महानिरीक्षक ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई कि लगभग तीन साल बाद भी दो अभियुक्त गिरफ्तार नहीं किए गए और न ही लूटे गए असलहे आदि नासिक से बांदा लाने के लिए आदेश लिया गया।
आईजी ने कहा कि विवेचक विवेचना में सिर्फ औपचारिकता कर रहे हैं। इस पर विवेचक से स्पष्टीकरण तलब किया। निर्देश दिया कि बांदा जेल में बंद इस घटना के आरोपियों से पूछताछ कर उनका शिजरा/आपराधिक इतिहास विवेचना में शामिल किया जाए। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाए और कुर्की आदि की कार्रवाई की जाए। पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया कि एक माह में विवेचना का विधिक निस्तारण कराकर परिणाम से अवगत कराएं।
पंजाब आर्मरी डकैती में बांदा जेल में बंद आरोपी
1. नागेश पुत्र राजेंद्र बानसोड़े (बड़ाला, मुंबई), 2. सलमान पुत्र अमान उल्ला (भिवंडी, मुंबई), 3. बदीउज्जमा उर्फ सुक्का पाशा (मुंबई), 4. वाजिद पुत्र फैज अली (मुंबई), 5. आमिर पुत्र रफीक शेख (भिवंडी, मुंबई,), 6. संजय सालुके पुत्र सूर्यकांत (मुंबई), 7. मोहम्मद सलमान पुत्र अनवर कुरैशी (मुंबई), 8. मो. जैद पुत्र मो. शरीफ (हथौरा, बांदा), 9. मुन्नू लंगड़ा उर्फ मामूद पुत्र महबूब (हाथीखाना, बांदा), 10. भुल्लू शेख उर्फ हबीबुर्रहमान पुत्र इमाम बक्श (हरदौली, बांदा), 11. वहाउद्दीन पुत्र जैनुद्दीन (हथौरा, बांदा), 12. मो. मोसाब पुत्र मतीन (हथौरा, बांदा)। इनके अलावा दो अभियुक्त अभी फरार हैं। इनमें 1. पोले उर्फ अमान उल्ला (हथौरा, बांदा) और अख्तरल पुत्र फूल्ली (हथौरा, बांदा) शामिल है।