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समझदारी से की जाए तो खेती से अच्छा धंधा नहीं
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If done wisely, there is no better business than farming.
- फोटो : BANDA
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बांदा। बुंदेलखंड के किसान जल संरक्षण और देसी पद्धति से खेती के लिए अग्रसर हों। उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित और प्रेरित किया जाना चाहिए। यह बात कृषि विशेषज्ञों और वरिष्ठ किसानों ने रविवार को सीमावर्ती मध्य प्रदेश के एतिहासिक पर्यटक व धार्मिक स्थल खजुराहो में आयोजित किसान सम्मान समारोह में कही। यहां 51 किसानों को सम्मानित किया गया।
समारोह में बांदा जिले के जल ग्राम जखनी संयोजक और जल योद्धा राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित उमाशंकर पांडेय ने कहा कि किसानों का सम्मान और सहयोग करना सर्व समाज और सरकारों की जिम्मेदारी हैं। किसान देश का अन्नदाता हैं। उन्हें उन्नत कृषि के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन जरूरी है।
दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार बृहस्पति पांडेय ने कहा कि किसान आज खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह खुशी की बात है। कृषि परास्नातक और जैविक किसान राहुल अवस्थी ने कहा कि समझदारी से खेती की जाए तो इससे अच्छा लाभ का कोई धंधा नहीं है।
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समारोह संयोजक डा. शिवपूजन अवस्थी ने कहा कि किसान देश की असली पूंजी हैं। समारोह को पंडित सुधीर शर्मा, ऋषिकुल आश्रम अध्यक्ष वीरेंद्र सर्राफ, वेद प्रकाश पाठक, रजनीश सोनी, राजीव शुक्ला, नीरज द्विवेदी, रविशंकर पांडेय आदि ने भी संबोधित किया।
समारोह का आयोजन आत्मवाणी वेलफेयर सोसायटी एवं ऋषिकुल आश्रम ने मिलजुल कर किया था। सम्मानित किसानों में गोरेलाल पाल, चेतराम शिवहरे, गणेश सिंह परिहार, राजबहादुर सिंह शर्मा, रामशरण पटेल, श्रीराम यादव, वीर सिंह राजपूत, तारा देवी सोनी आदि सहित 51 किसान शामिल रहे।
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समारोह में बांदा जिले के जल ग्राम जखनी संयोजक और जल योद्धा राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित उमाशंकर पांडेय ने कहा कि किसानों का सम्मान और सहयोग करना सर्व समाज और सरकारों की जिम्मेदारी हैं। किसान देश का अन्नदाता हैं। उन्हें उन्नत कृषि के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन जरूरी है।
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दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार बृहस्पति पांडेय ने कहा कि किसान आज खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह खुशी की बात है। कृषि परास्नातक और जैविक किसान राहुल अवस्थी ने कहा कि समझदारी से खेती की जाए तो इससे अच्छा लाभ का कोई धंधा नहीं है।
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समारोह संयोजक डा. शिवपूजन अवस्थी ने कहा कि किसान देश की असली पूंजी हैं। समारोह को पंडित सुधीर शर्मा, ऋषिकुल आश्रम अध्यक्ष वीरेंद्र सर्राफ, वेद प्रकाश पाठक, रजनीश सोनी, राजीव शुक्ला, नीरज द्विवेदी, रविशंकर पांडेय आदि ने भी संबोधित किया।
समारोह का आयोजन आत्मवाणी वेलफेयर सोसायटी एवं ऋषिकुल आश्रम ने मिलजुल कर किया था। सम्मानित किसानों में गोरेलाल पाल, चेतराम शिवहरे, गणेश सिंह परिहार, राजबहादुर सिंह शर्मा, रामशरण पटेल, श्रीराम यादव, वीर सिंह राजपूत, तारा देवी सोनी आदि सहित 51 किसान शामिल रहे।