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पति को दस और सास को सात साल कैद
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बांदा। दहेज हत्या के मामले में अदालत ने पति को 10 साल और सास को 7 साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर जुर्माना भी किया है। पति जेल में है। वृद्ध सास को भी जेल भेज दिया गया।
शहर के अलीगंज की किशवरी पत्नी स्व. शौकत अली ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था उसने बेटी रुखसार की शादी शहर के गूलर नाका निवासी नन्हे के पुत्र शानू के साथ 24 जनवरी 2014 को की थी। ससुराल में पति शानू, 75 वर्षीय सास कनीज फातिमा, ननद परवीन व फरा और देवर सुल्ली उर्फ सुलेमान दहेज में 50 हजार रुपये पहिया कार की मांग कर रहे थे। जान से मारने की धमकी दे रहे थे। 31 दिसंबर 2015 को रुखसार को मारकर फंदे पर लटका दिया।
पुलिस ने धारा 498-ए, 304-बी और दहेज एक्ट की धारा 3/4 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के दौरान दोनों ननद और देवर को क्लीनचिट दे दी। पति और सास के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। विशेष न्यायाधीश (डकैती) कृष्ण यादव ने फैसला सुनाते हुए पति शानू को धारा 304-बी में 10 साल की कैद, धारा 498-ए में तीन साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना किया।
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जुर्माना न देने पर चार माह की और कैद होगी। दहेज एक्ट की धारा 4 में दो वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 2 माह की और जेल काटनी होगी। सास कनीज फातिमा को धारा 304-बी में 7 साल और 498-ए में दो साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना न देने पर 2 माह की जेल और होगी। दहेज एक्ट की धारा 4 में एक साल की कैद व 5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना न देने पर एक माह जेल में और रहना होगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी। जुर्माने की रकम मृतका के नाबालिग पुत्र को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी और अधिवक्ता चुनबाद वर्मा ने पैरवी करते हुए सात गवाह पेश किए।
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शहर के अलीगंज की किशवरी पत्नी स्व. शौकत अली ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था उसने बेटी रुखसार की शादी शहर के गूलर नाका निवासी नन्हे के पुत्र शानू के साथ 24 जनवरी 2014 को की थी। ससुराल में पति शानू, 75 वर्षीय सास कनीज फातिमा, ननद परवीन व फरा और देवर सुल्ली उर्फ सुलेमान दहेज में 50 हजार रुपये पहिया कार की मांग कर रहे थे। जान से मारने की धमकी दे रहे थे। 31 दिसंबर 2015 को रुखसार को मारकर फंदे पर लटका दिया।
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पुलिस ने धारा 498-ए, 304-बी और दहेज एक्ट की धारा 3/4 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के दौरान दोनों ननद और देवर को क्लीनचिट दे दी। पति और सास के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। विशेष न्यायाधीश (डकैती) कृष्ण यादव ने फैसला सुनाते हुए पति शानू को धारा 304-बी में 10 साल की कैद, धारा 498-ए में तीन साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना किया।
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जुर्माना न देने पर चार माह की और कैद होगी। दहेज एक्ट की धारा 4 में दो वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 2 माह की और जेल काटनी होगी। सास कनीज फातिमा को धारा 304-बी में 7 साल और 498-ए में दो साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना न देने पर 2 माह की जेल और होगी। दहेज एक्ट की धारा 4 में एक साल की कैद व 5000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना न देने पर एक माह जेल में और रहना होगा। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। सभी सजाएं साथ चलेंगी। जुर्माने की रकम मृतका के नाबालिग पुत्र को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी और अधिवक्ता चुनबाद वर्मा ने पैरवी करते हुए सात गवाह पेश किए।