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अस्पताल गेट पर प्रसव, नवजात की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Sun, 18 Sep 2016 11:42 PM IST
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अस्पताल के बाहर प्रसव
- फोटो : अमर उजाला
बांदा। जिला महिला अस्पताल की डाक्टर और कर्मचारियों की संवेदनहीनता और जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने की एक और घटना सामने आई। अस्पताल गेट पर जन्मे शिशु को इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया। महोबा जनपद के पहरा (कबरई) गांव निवासी ज्ञानवती (23) पत्नी राजा को रविवार को दोपहर प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे महोबा जिला अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बांदा जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। दोपहर बाद परिजन उसे प्राइवेट एंबुलेंस से लेकर आए। अस्पताल गेट पर एंबुलेंस से उतरते ही ज्ञानवती को प्रसव हो गया।
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परिजनों ने डाक्टर और नर्सों से मदद की फरियाद की लेकिन नर्सों ने यह कर झिड़क दिया कि उनकी ड्यूटी अस्पताल के अंदर की है, बाहर की नहीं। उधर, प्रसूता और नवजात शिशु की हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद शिशु ने वहीं दम तोड़ दिया। इससे परिजन आक्रोशित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। मामला तूल पकड़ते देख नर्सों ने प्रसूता को भर्ती कर लिया। उधर, सीएमएस डा.ऊषा सिंह को लगातार काल करने के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। मैसेज भेजे जाने के बाद भी जवाब नहीं दिया।
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