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बुंदेलखंड राज्य के लिए गृह मंत्रालय का इंकार
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बांदा। बुंदेलखंड राज्य की मांग लेकर कई जनपदों में चल रहे आंदोलनों और विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक बार फिर केंद्र सरकार ने बुंदेलखंड राज्य के पैरोकारों को झटका दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऐसे किसी भी प्रस्ताव से साफ इंकार किया है।
बुंदेलखंड राज्य की मांग कई दशक से चल रही है। यूपी के सात और एमपी के छह जनपदों में आबाद बुंदेलखंड को राज्य बनाने की मांग राजनीतिक और सामाजिक संगठन करते चले आ रहे हैं। चुनावों में यह मुद्दा भी बनता रहा है। इसी बीच एक बार फिर राज्य निर्माण की मांग करने वालों को निराशा हाथ लगी है। समाजसेवी और आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना में केंद्रीय गृह मंत्रालय की जन सूचना अधिकारी/निदेशक रेनू सरीन ने सूचना दी कि गृह मंत्रालय में राज्यों के पुनर्गठन के कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं हैं। श्री शुक्ल ने यह सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय से मांगी थी। जहां से गृह मंत्रालय को निर्देश जारी कर दिया गया।
उधर, मध्य प्रदेश सरकार ने भी बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर बेरुखी दिखाई है। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत यहां के आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ल ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव/जन सूचना अधिकारी से सूचना मांगी थी कि बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए एमपी की सरकार ने क्या कार्रवाई की है? इसमें यूपी-एमपी के कौन-कौन से जिले शामिल हैं? राजधानी कहां प्रस्तावित है? मध्य प्रदेश शासन के अवर सचिव और सहायक लोक सूचना अधिकारी रवि शंकर राय द्वारा श्री शुक्ल का आवेदन मूलरूप से यह कहकर वापस कर दिया कि उन्होंने प्रश्नात्मक और काल्पनिक स्वरूप की जानकारी चाही है। ऐसी कोई जानकारी संधारित नहीं की जाती।
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बुंदेलखंड राज्य की मांग कई दशक से चल रही है। यूपी के सात और एमपी के छह जनपदों में आबाद बुंदेलखंड को राज्य बनाने की मांग राजनीतिक और सामाजिक संगठन करते चले आ रहे हैं। चुनावों में यह मुद्दा भी बनता रहा है। इसी बीच एक बार फिर राज्य निर्माण की मांग करने वालों को निराशा हाथ लगी है। समाजसेवी और आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना में केंद्रीय गृह मंत्रालय की जन सूचना अधिकारी/निदेशक रेनू सरीन ने सूचना दी कि गृह मंत्रालय में राज्यों के पुनर्गठन के कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं हैं। श्री शुक्ल ने यह सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय से मांगी थी। जहां से गृह मंत्रालय को निर्देश जारी कर दिया गया।
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उधर, मध्य प्रदेश सरकार ने भी बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर बेरुखी दिखाई है। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत यहां के आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ल ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव/जन सूचना अधिकारी से सूचना मांगी थी कि बुंदेलखंड राज्य बनाने के लिए एमपी की सरकार ने क्या कार्रवाई की है? इसमें यूपी-एमपी के कौन-कौन से जिले शामिल हैं? राजधानी कहां प्रस्तावित है? मध्य प्रदेश शासन के अवर सचिव और सहायक लोक सूचना अधिकारी रवि शंकर राय द्वारा श्री शुक्ल का आवेदन मूलरूप से यह कहकर वापस कर दिया कि उन्होंने प्रश्नात्मक और काल्पनिक स्वरूप की जानकारी चाही है। ऐसी कोई जानकारी संधारित नहीं की जाती।
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