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गुरुनानक ने हर मजहब को दिया सम्मान
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 14 Nov 2016 08:03 PM IST
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खास शिष्यों में एक मुसलमान भी था
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। गुरु नानक के खास शिष्यों में एक मुसलमान भी था। गुरु ने हमेशा सभी धर्म और मजहबों को सम्मान दिया। अपने भक्तों का उद्धार किया। कर्नाटक में पानी की कमी वाले इलाके में अपने चरणों से पत्थर उखाड़ दिया। यहां से फूटी ठंडे पानी की जलधारा आज तक जारी है।
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ये बातें गुरु नानक जयंती पर सोमवार को यहां छावनी स्टेशन रोड स्थित सिंधी गुरुद्वारे में आयोजित जयंती में मुख्य ग्रंथी अमरलाल ने बताईं। उन्होंने का कि गुरु जी का जन्म सिंध के त्रिवंडी में कार्तिक पूर्णिमा में हुआ था। बचपन से ही तेजस्वी और ओजस्वी थे।
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जीवन चमत्कारों से भरा रहा। मुख्य ग्रंथी ने कहा कि गुरु के खास शिष्यों में मरदाना नाम का मीरासी मुसलमान भी था। इसके अलावा बाला नाम का शिष्य भी खास शिष्य था। भगत मानिकचंद्र ने भजन सुनाया। सुनील कुमार लाला व मोती पुर्सवानी के नेतृत्व में चांचर नृत्य हुआ।
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गुरुद्वारा ग्रंथ साहिब पर भोग चढ़ाया गया। समाज के मुखिया श्यामलाल जेठानी सहित सभी श्रद्धालुओं ने रूमाला चढ़ाया और आरती की। गुरु नानक सेवा समिति अध्यक्ष श्यामलाल जेठानी ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस मौके पर नारायणदास भागवानी, भावनदास मंथलानी, मोहनलाल मूलचंदानी, अमृत लाल, जीयंद राय, नोतन दास, अर्जुनदास लालवानी, काका भइया, अशोक भागवानी समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। महिलाओं ने महामंगल आरती की। अंत में लंगर हुआ।