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जातिवार जनगणना से सरकार का इनकार
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बांदा। जनगणना में एससी और एसटी को छोड़कर किसी जाति की गणना नहीं की जाएगी। यह बात केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार राय ने कही है।
बांदा के राज्य सभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने राज्य सभा में सवाल किया था कि अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) से संबंधित जाति आंकड़े कब से एकत्रित और सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। यह भी पूछा था कि प्रस्तावित जनगणना 2021 में अनुसूचित जाति और जनजाति की तरह पिछड़े वर्गों के जातीय आंकड़ों को एकत्र करने के लिए सरकार कोई कदम उठाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने बुधवार को इस सवाल के लिखित दिए जवाब में कहा कि भारत सरकार ने स्वतंत्रता के बाद एक नीति के रूप में एससी तथा एसटी को छोड़कर जनगणना में जनसंख्यावार किसी जाति की गणना नहीं करने का निर्णय लिया है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनगणना में वे जातियां/जनजातियां जिन्हें विशिष्ट रूप से संविधान आदेश 1950 तथा समय-समय पर संशोधित के अनुसार अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के रूप में अधिसूचित किया गया है, उन्हीं की गणना की जाती है।
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बांदा के राज्य सभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने राज्य सभा में सवाल किया था कि अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) से संबंधित जाति आंकड़े कब से एकत्रित और सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। यह भी पूछा था कि प्रस्तावित जनगणना 2021 में अनुसूचित जाति और जनजाति की तरह पिछड़े वर्गों के जातीय आंकड़ों को एकत्र करने के लिए सरकार कोई कदम उठाएगी।
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केंद्रीय मंत्री ने बुधवार को इस सवाल के लिखित दिए जवाब में कहा कि भारत सरकार ने स्वतंत्रता के बाद एक नीति के रूप में एससी तथा एसटी को छोड़कर जनगणना में जनसंख्यावार किसी जाति की गणना नहीं करने का निर्णय लिया है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनगणना में वे जातियां/जनजातियां जिन्हें विशिष्ट रूप से संविधान आदेश 1950 तथा समय-समय पर संशोधित के अनुसार अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के रूप में अधिसूचित किया गया है, उन्हीं की गणना की जाती है।