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साक्ष्य और सामान खूब जुटाए, अब चार्जशीट की तैयारी
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बांदा। एक पखवारे तक अपने कब्जे में रखकर बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी जूनियर इंजीनियर (निलंबित) रामभवन से जुटाए सबूतों और बरामद वस्तुओं से सीबीआई की विशेष क्राइम ब्रांच काफी खुश है।
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंगलवार (पहली दिसंबर) को यहां अदालत में सीबीआई के उपाधीक्षक ने कहा कि हमें जो साक्ष्य चाहिए थे, वह मिल गए हैं। हमारी मेहनत सफल हो गई। सीबीआई की अर्जी पर अदालत ने आरोपी की न्यायिक हिरासत 14 दिसंबर तक बढ़ा दी है। सीबीआई अब चार्जशीट बनाने में जुटेगी।
50 बच्चों का यौन उत्पीड़न कर उनकी वीडियो और फोटो हाईटेक इलेक्ट्रानिक उपकरणों से देश और विदेश में बेचने के आरोप में सीबीआई ने नवंबर माह की शुरुआत में ही चित्रकूट (कर्वी) सिंचाई विभाग में तैनात अवर अभियंता रामभवन को हिरासत में ले लिया था।
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16 नवंबर को उसकी अधिकृत गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से रिमांड पर ले लिया। पहले चरण में एक दिन और दूसरे चरण में चार दिन के रिमांड पर जेई के कब्जे से काफी तादाद में इलेक्ट्रानिक उपकरण मोबाइल फोन, लैपटॉप, सेक्स ट्वायज, मेमोरी कार्ड, पेन ड्राइव, डिजिटल वीडियो, रिकार्डिंग कैमरा और तीन लाख 27 हजार 650 रुपये बरामद किए।
उत्पीड़न के शिकार बच्चों का सामना कराकर पूछताछ की। पड़ोसियों और पत्नी आदि से जानकारियां जुटाईं। ढेर सारे साक्ष्य जुटाने के बाद सीबीआई की दिल्ली टीम ने आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। उसके विरुद्ध आईटी एक्ट की धारा 67 बी, पॉक्सो एक्ट की धारा 14 और आईपीसी की धारा 377 में केस दर्ज किया है। यहां पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश मो. रिजवान अहमद के समक्ष अर्जी पेशकर आरोपी की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया।
न्यायाधीश ने मंगलवार (पहली दिसंबर) को यह अर्जी स्वीकार करते हुए न्यायिक हिरासत 14 दिसंबर तक बढ़ा दी।
करीब एक पखवारे तक की जांच पड़ताल में सीबीआई ने ढेर सारे पन्नों वाली केस डायरी भी तैयार की है। सीबीआई का कहना है कि जो साक्ष्य हमें चाहिए थे, वह हासिल हो गए हैं। हमारी मेहनत सफल हो गई है।
सीबीआई अब दिल्ली स्थित अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट पेश करेगी। वहां से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर अगली तैयारी करेगी। सीबीआई टीम के कुछ सदस्य दिल्ली रवाना हो गए हैं।
उधर, सीबीआई के साथ अदालत में अभियोजन की पैरवी कर रहे एडीजीसी मनोज दीक्षित ने कहा कि आगे भी अदालत में पूरी तैयारी के साथ पैरवी की जाएगी। उधर, आरोपी के अधिवक्ता देवदत्त तिवारी ने कहा कि सीबीआई द्वारा अदालत में दाखिल किए गए आरोप/अभिलेख हासिल कर उनका जवाब दाखिल किया जाएगा।
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इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंगलवार (पहली दिसंबर) को यहां अदालत में सीबीआई के उपाधीक्षक ने कहा कि हमें जो साक्ष्य चाहिए थे, वह मिल गए हैं। हमारी मेहनत सफल हो गई। सीबीआई की अर्जी पर अदालत ने आरोपी की न्यायिक हिरासत 14 दिसंबर तक बढ़ा दी है। सीबीआई अब चार्जशीट बनाने में जुटेगी।
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50 बच्चों का यौन उत्पीड़न कर उनकी वीडियो और फोटो हाईटेक इलेक्ट्रानिक उपकरणों से देश और विदेश में बेचने के आरोप में सीबीआई ने नवंबर माह की शुरुआत में ही चित्रकूट (कर्वी) सिंचाई विभाग में तैनात अवर अभियंता रामभवन को हिरासत में ले लिया था।
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16 नवंबर को उसकी अधिकृत गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से रिमांड पर ले लिया। पहले चरण में एक दिन और दूसरे चरण में चार दिन के रिमांड पर जेई के कब्जे से काफी तादाद में इलेक्ट्रानिक उपकरण मोबाइल फोन, लैपटॉप, सेक्स ट्वायज, मेमोरी कार्ड, पेन ड्राइव, डिजिटल वीडियो, रिकार्डिंग कैमरा और तीन लाख 27 हजार 650 रुपये बरामद किए।
उत्पीड़न के शिकार बच्चों का सामना कराकर पूछताछ की। पड़ोसियों और पत्नी आदि से जानकारियां जुटाईं। ढेर सारे साक्ष्य जुटाने के बाद सीबीआई की दिल्ली टीम ने आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। उसके विरुद्ध आईटी एक्ट की धारा 67 बी, पॉक्सो एक्ट की धारा 14 और आईपीसी की धारा 377 में केस दर्ज किया है। यहां पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश मो. रिजवान अहमद के समक्ष अर्जी पेशकर आरोपी की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया।
न्यायाधीश ने मंगलवार (पहली दिसंबर) को यह अर्जी स्वीकार करते हुए न्यायिक हिरासत 14 दिसंबर तक बढ़ा दी।
करीब एक पखवारे तक की जांच पड़ताल में सीबीआई ने ढेर सारे पन्नों वाली केस डायरी भी तैयार की है। सीबीआई का कहना है कि जो साक्ष्य हमें चाहिए थे, वह हासिल हो गए हैं। हमारी मेहनत सफल हो गई है।
सीबीआई अब दिल्ली स्थित अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट पेश करेगी। वहां से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर अगली तैयारी करेगी। सीबीआई टीम के कुछ सदस्य दिल्ली रवाना हो गए हैं।
उधर, सीबीआई के साथ अदालत में अभियोजन की पैरवी कर रहे एडीजीसी मनोज दीक्षित ने कहा कि आगे भी अदालत में पूरी तैयारी के साथ पैरवी की जाएगी। उधर, आरोपी के अधिवक्ता देवदत्त तिवारी ने कहा कि सीबीआई द्वारा अदालत में दाखिल किए गए आरोप/अभिलेख हासिल कर उनका जवाब दाखिल किया जाएगा।