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गोशालाओं में चारे और पानी का संकट

Mon, 22 Feb 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा Updated Mon, 22 Feb 2016 11:54 PM IST
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Gaushalas in the fodder and water crisis

बांदा/नरैनी। अन्ना गायों को कैद कर बनाई गई गोशालाओं

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में चारा, भूसा और पानी का संकट है। संचालक प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं,  पर कोई सुनवाई नहीं है।

उधर, विधान परिषद में नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीेकी ने अपनी विधायक निधि से मसौनी गांव में चल रही गोशाला मेें हैंडपंप लगवाने की स्वीकृति दी है।

नरैनी तहसील के मसौनी भरतपुर गांव के हाजी वसीम अहमद ने बताया कि उन्होंने गांव में बुंदेलखंड गोशाला कालिंजर धाम स्थापित किया है। इसमें करीब 500 गायें हैं। प्रशासन ने एक-दो बार भूसा देकर चुप्पी साध ली।

सूखे से जूझ रहे किसान गायों का इंतजाम कर पाने में नाकाम हैं। सबसे बड़ा संकट पानी का है। गोशाला में हैंडपंप की जरूरत है। एमएलसी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सीडीओ और पीडी को लिखा कि उनकी विधायक निधि वर्ष 2015-16 से गोशाला में हैंडपंप लगवा दें।

उधर, नरैनी में करतल मार्ग पर खाली पड़ी सरकारी भूमि में ग्रामीणों द्वारा बनाई गई गोशाला में भी गायों के लिए चारे, भूसे और पानी का संकट है। उमेश कुमार शुक्ला ने बताया कि एसडीएम के मौखिक निर्देश पर तीन फरवरी को यह गोशाला चालू की गई है।

रोजाना लगभग 10 क्विंटल भूसा लिया जा रहा है। गायाें को घेरे रखने के लिए तार की बाड़ लगाई गई है। कई घायल गायों के इलाज में पैसा खर्च हुआ।

प्रशासन ने मात्र 60 क्विंटल भूसा उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा गोमाता की रक्षा का दम भरने वाले कोई संगठन इसमें मदद नहीं कर रहे। गोशाला में लगभग पांच सौ गायें हैं।

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