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गिने-चुने रिपोर्ट कार्ड बांटकर रस्म अदायगी
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:34 PM IST
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परशुराम तालाब प्राइमरी स्कूल में परीक्षाफल लेने आए बच्चे लगा रहे झाड़ू।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। 30 मार्च को परिषदीय विद्यालयों में रिपोर्ट कार्ड का वितरण, नामांकन मेला और उत्सव मनाने का बेसिक शिक्षा परिषद का फरमान औंधे मुंह गिर गया। मंडल मुख्यालय के दर्जनों स्कूल इसकी बानगी रहे। किसी भी विद्यालय में न तो सभी बच्चों को रिपोर्ट कार्ड वितरित किए गए और न ही दूर-दूर उत्सव नजर आया। शहर के स्कूलों में परीक्षाफल (रिपोर्ट कार्ड) आज ही पहुंचाए गए।
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शहर के परशुराम मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को परीक्षाफल से पहले स्कूल में झाड़ू लगानी पड़ी। इसके बाद भी सभी बच्चों को रिपोर्ट कार्ड नहीं मिले। गिने-चुने बच्चों को आनन-फानन कार्ड बनाकर दे दिए गए। प्रधानाध्यापक सितारा खातून ने बताया कि कक्षा 2 व 3 के रिजल्ट तैयार हैं। शेष कल तक बना लिए जाएंगे।
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प्राथमिक विद्यालय अलीगंज का ताला चौथी के छात्र छोटू ने खोला। भाग-एक की प्रधानाध्यापक जबेरिया खान ने बताया कि 121 में 50 कार्ड तैयार हो पाए हैं। भाग-दो की शहनाज कुरैशी ने बताया कि 113 में 55 रिपोर्ट कार्ड बन गए हैं।
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प्राथमिक विद्यालय, गूलरनाका मेें प्रधानाध्यापक जरीना परवीन के मुताबिक सिर्फ कक्षा दो और तीन के 36 बच्चों के रिजल्ट बने हैं। शेष बनाए जा रहे हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 8-10 बच्चे ही नजर आए। प्रधानाध्यापक सुमन स्वामी ने कहा कि इतिहास, भूगोल का एक ही पेपर था, लेकिन रिपोर्ट कार्ड मेें दोनों के 100-100 नंबर अलग-अलग दर्ज हैं। ऐसे मेें क्या किया जाए?
प्राथमिक विद्यालय छत्रसाल में प्रधानाध्यापक सुधा प्रजापति का कहना था कि आज ही सादे कार्ड मिले हैं। उन्हें भरकर रिजल्ट तैयार किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय, छावनी भाग-एक में मात्र पांच रिपोर्ट कार्ड बांटने की रस्म अदा हुई। प्रधानाध्यापक अजिता दीक्षित का कहना था कि फिलहाल पांच बच्चों के ही रिपोर्ट कार्ड बनाए जा रहे हैं। शेष बाद में बांटेंगे।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बलखंडीनाका में 33 बच्चों में सिर्फ दो को रिजल्ट दिए गए। प्रधानाध्यापक रईसा बेगम का कहना था कि आज ही सादे कार्ड मिले हैं। प्राथमिक विद्यालय कांशीराम कालोनी, निम्नीपार में सिर्फ दूसरी और तीसरी कक्षा के 35 बच्चोें को कार्ड बांटकर उत्सव मना लिया गया। प्रधानाध्यापक रिजवानुल हसन ने बताया कि चौथी व 5वीं के रिजल्ट कार्ड नहीं आए हैं। एक अध्यापक को इन्हें लाने के लिए भेजा गया है।
खिन्नीनाका पूर्व माध्यमिक स्कूल में 57 मेें 15 रिपोर्ट कार्ड बांटे गए। इसी तरह यहां प्राथमिक विद्यालय के भाग-दो में 105 में सिर्फ 15 कार्ड तैयार किए गए। प्रधानाध्यापक रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि दो स्कूलों को चार्ज है। कुछ कार्ड कल मिले थे शेष आज। इन्हें तैयार किया जा रहा है।
प्राथमिक विद्यालय, मर्दननाका मेें कक्षा 2 और 3 के ही कुछ कार्ड बांटे गए। प्रधानाध्यापक अवकेश सिंह ने बताया कि कक्षा चार और पांच के कार्ड अभी नहीं मिले हैं। प्राथमिक विद्यालय, कालूकुआं मेें 111 में 40 कार्ड ही बन पाए।
इंचार्ज प्रधनाध्यापक संगीता वर्मा ने बताया कि फिलहाल उन्होंने अपने पास से बच्चों को गिफ्ट बांटे हैं। प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन मेें 122 मेें 70 कार्ड बांटे गए। प्रधानाध्यापक कमला देवी का कहना था कि शेष बनाए जा रहे हैं।
परिषदीय स्कूलों के बच्चोें को भी आई कार्ड
बांदा। इंग्लिश मीडियम स्कूलों की तर्ज पर अब परिषदीय स्कूल के बच्चे भी अपने गले में आई-कार्ड टांगकर स्कूल जाएंगे। बेसिक शिक्षा परिषद ने पहली बार यह व्यवस्था लागू की है। एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र में नई ड्रेस के साथ बच्चे आई कार्ड से भी लैस होंगे। कार्ड बनाकर बच्चों को देने का काम जारी है। कार्ड में बच्चे का फोटो व नाम और उसके माता-पिता का नाम, कक्षा, विद्यालय का काम, अभिभावक का मोबाइल नंबर दर्ज होगा।