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मारपीट में पिता-पुत्र को जेल और जुर्माना
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बांदा। मारपीट के दोषी पिता-पुत्र को अलग-अलग धाराओं में जेल और जुर्माना की सजा विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) की अदालत किया गया है।
जसपुरा थाना में 2 फरवरी 2017 को रामकिशुन सोनकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह शौच को जाते समय रास्ते में उसे गांव के रामबली व पुत्र सुरेश पाल ने लाठी-डंडों से हमलाकर घायल कर दिया। पुलिस ने एससीएसटी एक्ट सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया।
अभियोजन ने छह गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद शनिवार को विशेष न्यायाधीश कमरुज्जमां खान ने आरोपी रामबली व सुरेश को धारा 323, 504, 506 में एक-एक माह की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर क्रमश: एक माह और 10 दिन की अतिरिक्त कैद होगी।
एससीएसटी एक्ट में एक वर्ष की कैद और 2-2 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 15 दिन और जेल में रहना होगा। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह, महेंद्र द्विवेदी और एडीजीसी जावत्री प्रसाद विश्वकर्मा ने पैरवी की।
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बालकों के यौन शोषण के आरोपियों की पेशी
बांदा। आधा सैकड़ा से ज्यादा अव्यस्क बालकों के यौन शोषण के आरोपी निलंबित अवर अभियंता रामभवन और सह अभियुक्त पत्नी दुर्गावती को शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) की अदालत में पेश किया गया। न्यायाधीश के अवकाश में होने से सुनवाई नहीं हो सकी। दोनों आरोपियों के अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह और भूरा प्रसाद निषाद अदालत में उपस्थित थे। सीबीआई की ओर से भी कांस्टेबल आया था। (संवाद)
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जसपुरा थाना में 2 फरवरी 2017 को रामकिशुन सोनकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह शौच को जाते समय रास्ते में उसे गांव के रामबली व पुत्र सुरेश पाल ने लाठी-डंडों से हमलाकर घायल कर दिया। पुलिस ने एससीएसटी एक्ट सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया।
अभियोजन ने छह गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद शनिवार को विशेष न्यायाधीश कमरुज्जमां खान ने आरोपी रामबली व सुरेश को धारा 323, 504, 506 में एक-एक माह की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर क्रमश: एक माह और 10 दिन की अतिरिक्त कैद होगी।
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एससीएसटी एक्ट में एक वर्ष की कैद और 2-2 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 15 दिन और जेल में रहना होगा। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक विमल सिंह, महेंद्र द्विवेदी और एडीजीसी जावत्री प्रसाद विश्वकर्मा ने पैरवी की।
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बालकों के यौन शोषण के आरोपियों की पेशी
बांदा। आधा सैकड़ा से ज्यादा अव्यस्क बालकों के यौन शोषण के आरोपी निलंबित अवर अभियंता रामभवन और सह अभियुक्त पत्नी दुर्गावती को शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) की अदालत में पेश किया गया। न्यायाधीश के अवकाश में होने से सुनवाई नहीं हो सकी। दोनों आरोपियों के अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह और भूरा प्रसाद निषाद अदालत में उपस्थित थे। सीबीआई की ओर से भी कांस्टेबल आया था। (संवाद)