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पहले की स्ट्रीट लाइट जल नहीं रहीं, 75 और मिलीं
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बांदा। सीएम समग्र ग्रामों में पहले की सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइटें जल नहीं रहीं और 75 लाइट के लिए बजट और आ गया। वर्ष 2019-20 में जिले के 15 ग्राम पंचायतों को सीएम समग्र योजना में शामिल किया गया था। इन्हें कई सुविधाओं व योजनाओं से लाभान्वित कराया जाना था।
पहले साल इन गांवों में 36 व दूसरे साल 137 सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। आधे से ज्यादा नहीं जल रही हैं। शासन ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 75 सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट का बजट और आ गया है।
परियोजना अधिकारी (नेडा) ओपी शुक्ला का कहना है कि सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट लगाने का पैसा ग्राम पंचायतों को दिया जाता है। स्ट्रीट लाइट लगाने वाली फर्म से इस बात का शपथपत्र लिया जाता है कि वह पांच साल तक स्ट्रीट लाइट के मरम्मत का काम देखेगी।
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डीपीआरओ सर्वेश कुमार का कहना है कि स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत को ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा फर्मों को कहा जाता है, लेकिन गुणवत्ता ठीक न होने से नहीं जल पा रहीं। ग्राम पंचायतों को पहले एक स्ट्रीट लाइट का 23 हजार रुपये दिया जाता था।
अब महज एक स्ट्रीट लाइट के लिए 15 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। पैसा कम होने से स्ट्रीट लाइट की गुणवत्ता सही नहीं रहती है।
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पहले साल इन गांवों में 36 व दूसरे साल 137 सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। आधे से ज्यादा नहीं जल रही हैं। शासन ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 75 सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट का बजट और आ गया है।
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परियोजना अधिकारी (नेडा) ओपी शुक्ला का कहना है कि सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट लगाने का पैसा ग्राम पंचायतों को दिया जाता है। स्ट्रीट लाइट लगाने वाली फर्म से इस बात का शपथपत्र लिया जाता है कि वह पांच साल तक स्ट्रीट लाइट के मरम्मत का काम देखेगी।
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डीपीआरओ सर्वेश कुमार का कहना है कि स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत को ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा फर्मों को कहा जाता है, लेकिन गुणवत्ता ठीक न होने से नहीं जल पा रहीं। ग्राम पंचायतों को पहले एक स्ट्रीट लाइट का 23 हजार रुपये दिया जाता था।
अब महज एक स्ट्रीट लाइट के लिए 15 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। पैसा कम होने से स्ट्रीट लाइट की गुणवत्ता सही नहीं रहती है।