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Banda News: मध्य प्रदेश की घाटियों में बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ा, केन का घटा
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फोटो 11- केन नदी में हिलोरे मार रहा पानी। संवाद
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फोटो 11- केन नदी में हिलोरे मार रहा पानी। संवाद
फोटो 12- चिल्ला घाट स्थित यमुना नदी में बढ़ रहा पानी। संवाद
फोटो 13- बाढ़ प्रभावित एरिया कनवारा में बह रही केन नदी। संवाद
फोटो 14- पैलानी में चंद्रावल नदी में नाव से लाइफ जैकेट से हो रहा आवागमन। संवाद
- केन का जलस्तर 96.26 मीटर और यमुना का 90.92 मीटर
- यमुना के पानी में वृद्धि की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बीते 24 घंटे में यमुना के जलस्तर में मामूली वृद्धि और केन के जलस्तर में एक मीटर की कमी दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश की घाटियों में हो रही बारिश और नदी में पानी छोड़े जाने को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि यमुना के जलस्तर में कुछ दिनों में और वृद्धि हो सकती है। इस स्थिति में प्रशासन ने राजस्व टीमों को अलर्ट कर दिया है। केन व यमुना के किनारे बसे बाढ़ प्रभावित गांवों में स्कूलों को चिह्नित करने का काम किया गया है। हालांकि अभी हालात सामान्य हैं।
मंगलवार को यमुना का जलस्तर 90.84 मीटर था। 24 घंटे में बुधवार को जलस्तर बढ़कर 90.92 मीटर हो गया। जबकि केन नदी के जलस्तर में कमी देखने को मिली। मंगलवार को केन नदी का जलस्तर 97.21 मीटर था जो जबकि बुधवार को घटकर 96.26 मीटर हो गया। केन नदी एक मीटर घटी है। केन नदी का चेतावनी बिंदु 103 मीटर और खतरे का निशान 104 मीटर पर है। केन नदी चेतावनी बिंदु से छह मीटर नीचे बह रही है। जबकि यमुना का खतरे का निशान 100 मीटर है और चेतावनी बिंदु 99 मीटर पर है।
केन के तटवर्ती इलाकों कनवारा क्षेत्र के ब्रह्मडेरा, छावनी डेरा समेत 10 से अधिक मजरे बाढ़ की चपेट में आते हैं, फिलहाल वहां के हालात अभी सामान्य हैं। कनवारा के ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के लोग दो बार आकर नदी का जायजा ले चुके हैं। एहतियात के तौर पर मुनादी और स्कूलों को चिह्नित किया गया है।
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घाटियों में बारिश से बढ़ सकता है दोनों नदियों का जलस्तर
करतल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से टीकमगढ़, पन्ना, नरसिंहपुर में अगले 24 से 48 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय बांदा के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि मौजूदा स्थिति में केन का जल स्तर 96.26 मीटर व यमुना नदी का जलस्तर 90.92 मीटर है। उन्होंने बताया कि 35389 क्यूसेक पानी नदी में बंधा बरियारपुर से डिस्चार्ज हो रहा है। मध्य प्रदेश की घाटियों में बारिश हो रही है। इसलिए दोनों नदियों में जल स्तर और बढ़ सकता है। यमुना नदी की सहायक नदियों में चंबल, बेतवा, केन, टोंस और हिंडन आदि नदियों में भी जल स्तर बढ़ रहा है। जिससे यमुना नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। फिलहाल बांदा जिला प्रशासन ने तहसील सदर व पैलानी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्राम प्रधानों के जरिए मुनादी कराई है और बाढ़ के हालात बनने पर प्रभावित लोगों को लिए स्कूलों को चिह्नित कर लिया है।
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चंद्रावल नदी के दोनों रपटे पानी में डूबने से नाव से हो रहा ग्रामीणों का आवागमन
पैलानी। नदी चंद्रावल की बाढ़ से क्षेत्रीय पड़ोहरा-नादादेव रपटा व गौरीकला-अमारा रपटा पानी में डूब जाने से नाविक ग्रामीणों को नाव के जरिए लाइफ सपोर्ट जैकेट पहनाकर नदी में आवागमन कर रहे हैं। एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वह प्रतिदिन संभावित बाढ़ को लेकर चंद्रावल नदी, यमुना नदी, केन नदी का निरीक्षण कर रहे हैं, साथ-साथ नाविकों को लाइव सपोर्ट जैकेट को लेकर हिदायत भी दी जा रही है और उसका पालन नाविकों द्वारा कराया जा रहा है। तहसीलदार पैलानी राधेश्याम सिंह ने बताया कि अभी फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, फिर भी संभावित बाढ़ को लेकर लेखपालों एवं राजस्व निरीक्षक के साथ-साथ प्रधानों राजस्व निरीक्षकों से संवाद कर संभावित बाढ़ को लेकर तहसील प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है। 17 बाढ़ चौकियों में एसडीएम पैलानी, तहसीलदार पैलानी, नायब तहसीलदार, कोटेदार, ग्राम विकास अधिकारी आदि नामों की पट्टिका प्रत्येक बाढ़ चौकियों में मोबाइल नंबर सहित पूर्व में ही लिखवाया गया है जिससे बाढ़ चौकियों में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो साथ ही साथ बाढ़ चौकियों में शौचालय बिजली आदि की पूर्व में ही व्यवस्था की गई है।
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तिल, ज्वार, बाजरा, अरहर की फसल पर मंडराया बाढ़ का खतरा
पैलानी। किसानों की केन नदी किनारे, यमुना नदी किनारे और चंद्रावल नदी किनारे बोई तिल, ज्वार, बाजरा, अरहर पर संभावित बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। खप्टिहाकला के किसान नोखेलाल निषाद, लाली निषाद, राजेंद्र निषाद, वीरेंद्र चंदेल, लखना निषाद, हुन्नर शुक्ला, लाली निषाद रामराज निषाद, रमेश, राम सिंह गौतम, संतोष ठेकेदार आदि ने बताया कि यदि इसी तरह केन नदी का जल स्तर बढ़ता रहा तो कछार में बोई ,तिल, बाजरा, ज्वार ,अरहर की फसल जलमग्न हो सकती हैं।
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फोटो 11- केन नदी में हिलोरे मार रहा पानी। संवाद
फोटो 12- चिल्ला घाट स्थित यमुना नदी में बढ़ रहा पानी। संवाद
फोटो 13- बाढ़ प्रभावित एरिया कनवारा में बह रही केन नदी। संवाद
फोटो 14- पैलानी में चंद्रावल नदी में नाव से लाइफ जैकेट से हो रहा आवागमन। संवाद
- केन का जलस्तर 96.26 मीटर और यमुना का 90.92 मीटर
- यमुना के पानी में वृद्धि की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बीते 24 घंटे में यमुना के जलस्तर में मामूली वृद्धि और केन के जलस्तर में एक मीटर की कमी दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश की घाटियों में हो रही बारिश और नदी में पानी छोड़े जाने को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि यमुना के जलस्तर में कुछ दिनों में और वृद्धि हो सकती है। इस स्थिति में प्रशासन ने राजस्व टीमों को अलर्ट कर दिया है। केन व यमुना के किनारे बसे बाढ़ प्रभावित गांवों में स्कूलों को चिह्नित करने का काम किया गया है। हालांकि अभी हालात सामान्य हैं।
मंगलवार को यमुना का जलस्तर 90.84 मीटर था। 24 घंटे में बुधवार को जलस्तर बढ़कर 90.92 मीटर हो गया। जबकि केन नदी के जलस्तर में कमी देखने को मिली। मंगलवार को केन नदी का जलस्तर 97.21 मीटर था जो जबकि बुधवार को घटकर 96.26 मीटर हो गया। केन नदी एक मीटर घटी है। केन नदी का चेतावनी बिंदु 103 मीटर और खतरे का निशान 104 मीटर पर है। केन नदी चेतावनी बिंदु से छह मीटर नीचे बह रही है। जबकि यमुना का खतरे का निशान 100 मीटर है और चेतावनी बिंदु 99 मीटर पर है।
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केन के तटवर्ती इलाकों कनवारा क्षेत्र के ब्रह्मडेरा, छावनी डेरा समेत 10 से अधिक मजरे बाढ़ की चपेट में आते हैं, फिलहाल वहां के हालात अभी सामान्य हैं। कनवारा के ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के लोग दो बार आकर नदी का जायजा ले चुके हैं। एहतियात के तौर पर मुनादी और स्कूलों को चिह्नित किया गया है।
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घाटियों में बारिश से बढ़ सकता है दोनों नदियों का जलस्तर
करतल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से टीकमगढ़, पन्ना, नरसिंहपुर में अगले 24 से 48 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय बांदा के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि मौजूदा स्थिति में केन का जल स्तर 96.26 मीटर व यमुना नदी का जलस्तर 90.92 मीटर है। उन्होंने बताया कि 35389 क्यूसेक पानी नदी में बंधा बरियारपुर से डिस्चार्ज हो रहा है। मध्य प्रदेश की घाटियों में बारिश हो रही है। इसलिए दोनों नदियों में जल स्तर और बढ़ सकता है। यमुना नदी की सहायक नदियों में चंबल, बेतवा, केन, टोंस और हिंडन आदि नदियों में भी जल स्तर बढ़ रहा है। जिससे यमुना नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। फिलहाल बांदा जिला प्रशासन ने तहसील सदर व पैलानी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्राम प्रधानों के जरिए मुनादी कराई है और बाढ़ के हालात बनने पर प्रभावित लोगों को लिए स्कूलों को चिह्नित कर लिया है।
चंद्रावल नदी के दोनों रपटे पानी में डूबने से नाव से हो रहा ग्रामीणों का आवागमन
पैलानी। नदी चंद्रावल की बाढ़ से क्षेत्रीय पड़ोहरा-नादादेव रपटा व गौरीकला-अमारा रपटा पानी में डूब जाने से नाविक ग्रामीणों को नाव के जरिए लाइफ सपोर्ट जैकेट पहनाकर नदी में आवागमन कर रहे हैं। एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वह प्रतिदिन संभावित बाढ़ को लेकर चंद्रावल नदी, यमुना नदी, केन नदी का निरीक्षण कर रहे हैं, साथ-साथ नाविकों को लाइव सपोर्ट जैकेट को लेकर हिदायत भी दी जा रही है और उसका पालन नाविकों द्वारा कराया जा रहा है। तहसीलदार पैलानी राधेश्याम सिंह ने बताया कि अभी फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, फिर भी संभावित बाढ़ को लेकर लेखपालों एवं राजस्व निरीक्षक के साथ-साथ प्रधानों राजस्व निरीक्षकों से संवाद कर संभावित बाढ़ को लेकर तहसील प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है। 17 बाढ़ चौकियों में एसडीएम पैलानी, तहसीलदार पैलानी, नायब तहसीलदार, कोटेदार, ग्राम विकास अधिकारी आदि नामों की पट्टिका प्रत्येक बाढ़ चौकियों में मोबाइल नंबर सहित पूर्व में ही लिखवाया गया है जिससे बाढ़ चौकियों में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो साथ ही साथ बाढ़ चौकियों में शौचालय बिजली आदि की पूर्व में ही व्यवस्था की गई है।
तिल, ज्वार, बाजरा, अरहर की फसल पर मंडराया बाढ़ का खतरा
पैलानी। किसानों की केन नदी किनारे, यमुना नदी किनारे और चंद्रावल नदी किनारे बोई तिल, ज्वार, बाजरा, अरहर पर संभावित बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। खप्टिहाकला के किसान नोखेलाल निषाद, लाली निषाद, राजेंद्र निषाद, वीरेंद्र चंदेल, लखना निषाद, हुन्नर शुक्ला, लाली निषाद रामराज निषाद, रमेश, राम सिंह गौतम, संतोष ठेकेदार आदि ने बताया कि यदि इसी तरह केन नदी का जल स्तर बढ़ता रहा तो कछार में बोई ,तिल, बाजरा, ज्वार ,अरहर की फसल जलमग्न हो सकती हैं।

फोटो 11- केन नदी में हिलोरे मार रहा पानी। संवाद

फोटो 11- केन नदी में हिलोरे मार रहा पानी। संवाद

फोटो 11- केन नदी में हिलोरे मार रहा पानी। संवाद