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अन्नदाताओं से किया वादा भूल न जाना ‘सरकार’
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 20 Mar 2017 12:00 AM IST
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किसान
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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सत्ता में आते ही मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किसानों का कर्ज माफ कर देने के लुभावने वादे पर भरोसा करके भाजपा पर वोटों की बौछार करने वाले बुंदेलखंड के कर्जदार किसानों को अब वादा पूरा करने का बेसब्री से इंतजार है। किसानों की टकटकी योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार पर टिक गई है। सिर्फ चित्रकूटधाम मंडल के किसानों पर बैंकों का 42 अरब रुपए से ज्यादा कर्ज है। बैंक उन पर वसूली का दबाव लगातार बना रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने विधान सभा चुनाव पूर्व घोषणा की थी कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की पहली बैठक में ही किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला लिया जाएगा। इस वादे पर भरोसा करके ज्यादातर बुंदेली कर्जदार किसानों ने भाजपा की झोली वोटों से भर दी। नतीजे में भाजपा जबरदस्त बहुमत से सत्ता में आई। रविवार को भाजपा की सरकार ने सत्ता संभाल भी ली।
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कई सालों से सूखा और दीगर दैवीय आपदाओं से कंगाली की कगार पर पहुंच गया लगभग हरेक किसान बैंकों का कर्जदार हो चुका है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में लगभग सवा 4 लाख किसानों पर 42 अरब 59 करोड़ रुपए कर्ज है। वह इसकी अदायगी किसी हालत में नहीं कर पा रहे। बैंकों द्वारा लगाए जा रहे अंधाधुंध ब्याज से कर्ज की रकम लगातार बढ़ती जा रही है। अब कर्जदार किसानों का कहना है कि भाजपा सरकार अपना वादा पूरा करे। बिना किसी भेदभाव और छोटे-बडे़ किसान की शर्त बगैर हर किसान का कृषि कर्ज माफ होना चाहिए।
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कर्ज का सबसे ज्यादा बोझ बांदा के किसानों पर है। यहां 1 लाख 29 हजार से ज्यादा किसानों पर 22 अरब रुपए से ज्यादा का कर्ज बाकी है। इसमें किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का 14 अरब 70 करोड़ 75 लाख और 2 अरब 98 करोड़ 39 लाख अन्य कृषि ऋण हैं। बांदा जनपद के सभी बैंकों से 1 लाख 26 हजार 748 किसानों ने केसीसी के जरिए कर्ज ले रखा है। इसके अलावा 2 हजार 176 किसानों ने अन्य कृषि कार्यों के लिए बैंकों से कर्ज लिया है। यह आंकडे़ चुनाव पूर्व के हैं।