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कमीशन का %खेल’, सीबीसी जांच में महकमा फेल

Sat, 02 Jul 2022 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 11:33 PM IST
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Department failed in CBC investigation
Department failed in CBC investigation - फोटो : BANDA
बांदा। जिले के सभी आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कम्प्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) जांच नहीं हो रही है। सरकारी अस्पताल में मुफ्त होने वाली इस जांच के लिए मरीजों को प्राइवेट पैथालॉजी में 300 से 350 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। चार केंद्रों पर जांच वाली ऑटो एनलाइजर मशीन धूल फांक रही हैं। यहां रीजेंट केमिकल की वजह से जांचें ठप हैं। चार में जांच के लिए मशीन ही नहीं है।
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जिले की आबादी लगभग 20 लाख है। सीबीसी जांच की सुविधा शहर के रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में ही है। बाकी ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 15 लाख की आबादी आठों सीएचसी पर निर्भर है।
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इन सीएचसी में रोजाना करीब दो हजार मरीज आते हैं। इनमें से औसत 25 फीसदी को सीबीसी जांच लिखी जाती है। यानी चार पांच सौ मरीज रोजाना निजी पैथोलॉजी में जाने को मजबूर हैं। ऐसे में निजी पैथोलॉजी में मरीजों को खींचने की होड़ मचती है। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर कमीशन के चक्कर में निर्धारित पैथोलॉजी में ही जांच के लिए मजबूर करते हैं।
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चार सीएचसी नरैनी, बबेरू, जसपुरा और अतर्रा में सीबीसी जांच मशीनें धूल फांक रही हैं।
नवीन सीएचसी बिसंडा, बहेरी, कमासिन व स्योढ़ा में सीबीसी जांच की सुविधा ही नहीं है।
नरैनी सीएचसी में पांच माह से रीजेंट केमिकल न होने से सीबीसी जांच ठप है। लैब टेक्नीशियन विनय सिंह का कहना है यहां प्रतिमाह लगभग पांच हजार मरीजों को यह जांच लिखी जाती है।
अतर्रा सीएचसी में दो वर्ष पूर्व सीबीसी जांच मशीन आई थी। कुछ महीने जांच हुई, फिर बंद हो गई। फिर शुरू हुई, फिर बंद हुई। इस तरह से अब बीते छह माह से फिर जांच नहीं हो रही। इस व्यवस्था से निजी पैथोलॉजी में बहार बनी रहती है। केंद्र प्रभारी डा. अजय विश्वकर्मा का कहना है कि रीजेंट के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
जसपुरा में एक साल से जांच ठप
तिंदवारी। जसपुरा सीएचसी को एक वर्ष से रीजेंट नहीं मिला। मतलब जांचें नहीं हो रहीं। सीएचसी प्रभारी डा. पवन पटेल का कहना है कि रीजेंट की आपूर्ति लखनऊ से होती है। पत्र भेजा गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

सीबीसी में ये होती है जांच
हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, प्लेटलेट्स, आरबीसी (लाल रक्त कणिकाएं), डब्ल्यूबीसी (सफेद रक्त कणिकाएं), एमसीएच, एचडब्ल्यू-वन आदि।

Department failed in CBC investigation

Department failed in CBC investigation- फोटो : BANDA

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