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Banda News: बदमाश लूलू को छह साल की सजा
Fri, 05 Sep 2025 11:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 05 Sep 2025 11:57 PM IST
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चित्रकूट। विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी न्यू रवि कुमार दिवाकर ने ट्रेनों में लूट, डकैती डालने वाले बहुचर्चित अपराधी लूलू उर्फ लुलुवा पटेल को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मामला 2019 का है। प्रभारी निरीक्षक जीआरपी मानिकपुर सुनील कुमार सिंह ने 19 मार्च 2019 को थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत लूलू उर्फ लुलवा पटेल व उनके गिरोह के सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस पर ट्रेनों में लूट, डकैती चोरी जैसी, घटनाओं को अंजाम देकर समाज में भय और आतंक फैलाने का आरोप था।
गैंग में नसीमु़द्दीन उर्फ चुन्नू, शिवकुमार उर्फ लक्की, भीम आरख, उदय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, लाला सोनी उर्फ शिवप्रसाद, चिंटू दादा उर्फ गरूड़ सिंह, शीलू उर्फ शैलेंद्र द्विवेदी भी इस संगठित गिरोह के सदस्य हैं। अदालत में जब दंड पर बहस हुई तो वरिष्ठ अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी ने स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किया है। समाज में कानून का राज स्थापित करने के लिए उसे कड़ी सजा दी जाए। वहीं, आरोपी के अधिवक्ता ने उनके गरीब होने पर पैरोकार न होने और भविष्य में गलती न दोहराने की बात कही।
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इन सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी न्यू रवि कुमार दिवाकर ने लूलू को दोषी ठहराते हुए छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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मामला 2019 का है। प्रभारी निरीक्षक जीआरपी मानिकपुर सुनील कुमार सिंह ने 19 मार्च 2019 को थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत लूलू उर्फ लुलवा पटेल व उनके गिरोह के सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस पर ट्रेनों में लूट, डकैती चोरी जैसी, घटनाओं को अंजाम देकर समाज में भय और आतंक फैलाने का आरोप था।
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गैंग में नसीमु़द्दीन उर्फ चुन्नू, शिवकुमार उर्फ लक्की, भीम आरख, उदय सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, लाला सोनी उर्फ शिवप्रसाद, चिंटू दादा उर्फ गरूड़ सिंह, शीलू उर्फ शैलेंद्र द्विवेदी भी इस संगठित गिरोह के सदस्य हैं। अदालत में जब दंड पर बहस हुई तो वरिष्ठ अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी ने स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किया है। समाज में कानून का राज स्थापित करने के लिए उसे कड़ी सजा दी जाए। वहीं, आरोपी के अधिवक्ता ने उनके गरीब होने पर पैरोकार न होने और भविष्य में गलती न दोहराने की बात कही।
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इन सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी न्यू रवि कुमार दिवाकर ने लूलू को दोषी ठहराते हुए छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।