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इलाज में लापरवाही से गई छात्रा की जान
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:31 AM IST
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ट्रामा सेंटर में छात्रा की मौत पर रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। डाक्टरों की लापरवाही से होनहार स्नातक छात्रा की जिला अस्पताल में मौत हो गई। इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल में देर तक हंगामा किया। इससे इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर भाग खड़े हुए। ट्रामा सेंटर में देर तक अफरातफरी रही। पुलिस चौकी प्रभारी से भी परिजनों की तीखी झड़प हुई। सपा जिलाध्यक्ष ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया।
चिल्ला थाना क्षेत्र के बंबिया गांव निवासी खुशबू (20) पुत्री जनार्दन यादव को शुक्रवार की रात घर के लोग जिला अस्पताल लाए थे। उसे यहां भर्ती कर लिया गया। ग्लूकोज चढ़ाने के सिवा उसका कोई इलाज नहीं हुआ। शनिवार को दोपहर उसने दम तोड़ दिया। इस पर परिजनों का सब्र टूट गया। पिता और भाई नीरज ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
मामला बिगड़ता देख इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. विनीत सचान समेत सभी कर्मचारी खिसक लिए। पिता ने आरोप लगाया कि भर्ती करने के बाद चिकित्सकों ने सुध नहीं ली, जबकि वे लगातार डाक्टरों से पुत्री को रेफर करने का अनुरोध करते रहे। हंगामे की खबर मिलने के बाद सिविल लाइन चौकी प्रभारी एके सिंह फोर्स के साथ अस्पताल पहुंच गए। पुलिसिया रौब गांठने पर परिजन और भड़क गए। उनकी चौकी प्रभारी से तीखी झड़प हुई।
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इसी बीच सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, महासचिव राजेंद्र, रामपाल प्रजापति, अशोक सिंह गौर, लालेंद्र धुरिया समेत सपा नेता जिला अस्पताल आ गए। छात्रा के पिता से घटना के बारे में जानकारी ली। सीएमओ और डीएम को फोन पर जिला अस्पताल के डाक्टरों की करतूत बताई। अध्यक्ष ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया। इस पर परिजनों को गुस्सा शांत हुआ और वह सरकारी वाहन से छात्रा का शव लेकर गांव लौट गए। डॉ. विनीत सचान ने बताया कि छात्रा की आंत फट गई थी। उसे तत्काल सर्जरी की जरूरत थी।
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चिल्ला थाना क्षेत्र के बंबिया गांव निवासी खुशबू (20) पुत्री जनार्दन यादव को शुक्रवार की रात घर के लोग जिला अस्पताल लाए थे। उसे यहां भर्ती कर लिया गया। ग्लूकोज चढ़ाने के सिवा उसका कोई इलाज नहीं हुआ। शनिवार को दोपहर उसने दम तोड़ दिया। इस पर परिजनों का सब्र टूट गया। पिता और भाई नीरज ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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मामला बिगड़ता देख इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. विनीत सचान समेत सभी कर्मचारी खिसक लिए। पिता ने आरोप लगाया कि भर्ती करने के बाद चिकित्सकों ने सुध नहीं ली, जबकि वे लगातार डाक्टरों से पुत्री को रेफर करने का अनुरोध करते रहे। हंगामे की खबर मिलने के बाद सिविल लाइन चौकी प्रभारी एके सिंह फोर्स के साथ अस्पताल पहुंच गए। पुलिसिया रौब गांठने पर परिजन और भड़क गए। उनकी चौकी प्रभारी से तीखी झड़प हुई।
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इसी बीच सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, महासचिव राजेंद्र, रामपाल प्रजापति, अशोक सिंह गौर, लालेंद्र धुरिया समेत सपा नेता जिला अस्पताल आ गए। छात्रा के पिता से घटना के बारे में जानकारी ली। सीएमओ और डीएम को फोन पर जिला अस्पताल के डाक्टरों की करतूत बताई। अध्यक्ष ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया। इस पर परिजनों को गुस्सा शांत हुआ और वह सरकारी वाहन से छात्रा का शव लेकर गांव लौट गए। डॉ. विनीत सचान ने बताया कि छात्रा की आंत फट गई थी। उसे तत्काल सर्जरी की जरूरत थी।