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डीएम व एसपी को हाईकोर्ट ने दी अवमानना नोटिस

Wed, 07 Sep 2016 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा Updated Wed, 07 Sep 2016 11:27 PM IST
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The court contempt notice to the DM and SP
अदालत का फैसला

बांदा। अलग-अलग मामलों में उच्च न्यायालय ने यहां के डीएम व एसपी को कोर्ट की अवमानना पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें एक माह के अंदर आदेश का पालन करने का मौका भी दिया गया है।अतर्रा तहसील क्षेत्र के पुनाहुर (गौतम पुरवा) निवासी शिव कुमार समेत 18 लोगों ने उच्च न्यायालय में दायर की जनहित याचिका में कहा था कि तालाब के भीटों पर अवैध कब्जे से मवेशियों को पानी पिलाने और तालाब का इस्तेमाल करने में रुकावट आ रही है। उच्च न्यायालय ने 21 अगस्त 2015 को जारी आदेश में जिलाधिकारी से यथा शीघ्र मामला निस्तारित करने और तालाबों के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन को कहा था।हाईकोर्ट के इस आदेश पर पूरा पालन नहीं हुआ। इसे लेकर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई।

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इस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश पंकज नकवी ने 16 अगस्त 2016 को जारी आदेश में डीएम से कहा है कि 26 अक्तूबर 2016 को अपने अधिवक्ता के जरिये बताएं कि क्यों न उन्हें कोर्ट के आदेशों की अवमानना पर दंडित किया जाए? साथ ही उच्च न्यायालय ने पूर्व में दिए गए आदेश पर अमल कराने के लिए एक माह की मोहलत भी दी है।उधर, पुलिस अधीक्षक राजेंद्र पांडेय को फायर मैन अनिल कुमार मिश्रा के मामले में हाईकोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी की है। फायर मैन ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका में कहा था कि 26 साल से अधिक सेवा पूरी करने के बाद भी उसे शासनादेश के मुताबिक तृतीय प्रमोशनल स्केल ग्रेड-पे नहीं दिया गया। कोर्ट ने 28 फरवरी 2016 को दिए गए आदेश में एसपी से तीन माह के अंदर मामला निस्तारित करने को कहा था। लेकिन उसका अनुपालन न होने पर फायर मैन द्वारा दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज नकवी ने 26 अगस्त 2016 के आदेश में पुलिस अधीक्षक से कहा है कि 26 अक्तूबर 2016 को अपने अधिवक्ता के माध्यम से कारण बताएं कि क्यों न उन्हें कोर्ट की अवमानना पर दंडित किया जाए? हाईकोर्ट ने एसपी को पूर्व में जारी आदेश का एक माह के अंदर पालन कराने का मौका भी दिया है।

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