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अपहरण में 10 वर्ष कैद, 20 हजार जुर्माना
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:28 PM IST
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बांदा। अपहरण के एक मामले में 28 साल तक मुकदमा चलने के बाद अब अदालत ने अभियुक्त को 10 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। उस पर हत्या का आरोप सिद्ध नहीं हो पाया। एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया।
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नरैनी कस्बा निवासी संतोष कुमार गुप्ता पुत्र बाबूलाल ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 जनवरी 1988 को उसके नाबालिग पुत्र दिलीप कुमार उर्फ दीपू का कस्बे के नीलू पांडेय उर्फ संजय और रवींद्र कुमार शुक्ला व ज्ञानेंद्र सिंह ने वीडियो दिखाने के बहाने अपहरण कर लिया। चार दिन बाद दिलीप का शव अरहर के खेत में मिला।
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पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध अपहरण, हत्या और सबूत मिटाने के अपराध की रिपोर्ट दर्ज की और विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ धारा 364, 302, 120 बी और 201 के तहत अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
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अभियुक्त ज्ञानेंद्र सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। विशेष न्यायाधीश (डकैती) हरिनाथ पांडेय की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा ने 10 गवाह पेश किए। गुरुवार को अदालत ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए आरोपी नीलू पांडेय उर्फ संजय को धारा 364 में 10 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दूसरे आरोपी रवींद्र कुमार को सभी आरोपों से बरी कर दिया।