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Banda News: जारी और अर्जुनाह गोशाला में दलदल में धंसे गोवंश
Wed, 09 Sep 2026 12:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 09 Sep 2026 12:25 AM IST
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फोटो-11-गांव जारी में बनी गोशाला में कीचड़ में धंंसे गोवंश। अमर उजाला
बांदा। सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले गोवंशों को आश्रय, चारा और सुरक्षित ठिकाना देने के लिए गोशालाएं बनाई गईं, लेकिन बारिश में ये गोशालाएं गोवंशों के लिए दुखदायी साबित हो रही हैं।
बड़ोखर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जारी में बनी गोशाला में दो से ढाई फीट तक दलदल हो गया है। इसमें कई गोवंश आधे-आधे धंसे नजर आ रहे हैं। वहीं, महुआ ब्लॉक के अर्जुनाह गांव की गोशाला में करीब 200 गोवंश गोशाला में फैले कीचड़ में फंसे हैं।
बड़ोखर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जारी में बनी गोशाला में दो से ढाई फीट तक दलदल हो गया है। इसमें कई गोवंश आधे-आधे धंसे नजर आ रहे हैं। चारे के लिए बनी नाद तक पहुंचने के लिए भी उन्हें इसी दलदल से होकर गुजरना पड़ रहा है। बारिश रुकने के बाद दलदल धीरे-धीरे सूख रहा है, लेकिन इसी के साथ मिट्टी और ज्यादा चिपचिपी और कठोर होने से गोवंशों के फंसने का खतरा बढ़ गया है।
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गोशाला में 100 से अधिक गोवंश संरक्षित बताए जा रहे हैं। इनमें कमजोर और बीमार गोवंशों की स्थिति ज्यादा खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दलदल और जलभराव से निजात नहीं दिलाई गई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
वहीं, महुआ ब्लॉक के अर्जुनाह गांव की गोशाला में करीब दो सौ गोवंश बंद हैं। बारिश के बाद पूरी गोशाला में भारी कीचड़ और दलदल फैल गया है। इसमें फंसकर गोवंशों के दम तोड़ने की बात सामने आ रही है। मौके पर चारे के लिए भूसा भी नाममात्र दिखाई देता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गोवंश के चारे, रखरखाव और दूसरी व्यवस्थाओं के नाम पर ग्राम पंचायत स्तर से खर्च किया जाता है, लेकिन बारिश के दिनों में गोवंशों के खड़े होने तक के लिए सुरक्षित और सूखा स्थान उपलब्ध नहीं है।
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निचले इलाकों में बनी कई गोशालाएं, बारिश में भर रहा पानी
जिले की अधिकांश गोशालाओं में बारिश के दौरान जलभराव और कीचड़ की समस्या सामने आती है। कई गोशालाएं निचले इलाकों में बनी हैं। आसपास की जमीन और सड़क ऊंची होने से बारिश का पानी गोशालाओं में जमा हो जाता है।
पानी निकलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कुछ ही दिनों में परिसर दलदल में बदल जाता है। जिम्मेदार हर बार बारिश को समस्या की वजह बताते हैं, लेकिन गोशालाओं में जलनिकासी, जलभराव रोकने और गोवंशों के लिए सूखा स्थान उपलब्ध कराने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
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वर्जन
बारिश के कारण गोशालाओं में जलभराव और कीचड़ की समस्या खड़ी हुई है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं। गोशालाओं में बेहतर से बेहतर इंतजाम कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-अजय कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।
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बड़ोखर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जारी में बनी गोशाला में दो से ढाई फीट तक दलदल हो गया है। इसमें कई गोवंश आधे-आधे धंसे नजर आ रहे हैं। वहीं, महुआ ब्लॉक के अर्जुनाह गांव की गोशाला में करीब 200 गोवंश गोशाला में फैले कीचड़ में फंसे हैं।
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बड़ोखर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जारी में बनी गोशाला में दो से ढाई फीट तक दलदल हो गया है। इसमें कई गोवंश आधे-आधे धंसे नजर आ रहे हैं। चारे के लिए बनी नाद तक पहुंचने के लिए भी उन्हें इसी दलदल से होकर गुजरना पड़ रहा है। बारिश रुकने के बाद दलदल धीरे-धीरे सूख रहा है, लेकिन इसी के साथ मिट्टी और ज्यादा चिपचिपी और कठोर होने से गोवंशों के फंसने का खतरा बढ़ गया है।
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गोशाला में 100 से अधिक गोवंश संरक्षित बताए जा रहे हैं। इनमें कमजोर और बीमार गोवंशों की स्थिति ज्यादा खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दलदल और जलभराव से निजात नहीं दिलाई गई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
वहीं, महुआ ब्लॉक के अर्जुनाह गांव की गोशाला में करीब दो सौ गोवंश बंद हैं। बारिश के बाद पूरी गोशाला में भारी कीचड़ और दलदल फैल गया है। इसमें फंसकर गोवंशों के दम तोड़ने की बात सामने आ रही है। मौके पर चारे के लिए भूसा भी नाममात्र दिखाई देता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गोवंश के चारे, रखरखाव और दूसरी व्यवस्थाओं के नाम पर ग्राम पंचायत स्तर से खर्च किया जाता है, लेकिन बारिश के दिनों में गोवंशों के खड़े होने तक के लिए सुरक्षित और सूखा स्थान उपलब्ध नहीं है।
निचले इलाकों में बनी कई गोशालाएं, बारिश में भर रहा पानी
जिले की अधिकांश गोशालाओं में बारिश के दौरान जलभराव और कीचड़ की समस्या सामने आती है। कई गोशालाएं निचले इलाकों में बनी हैं। आसपास की जमीन और सड़क ऊंची होने से बारिश का पानी गोशालाओं में जमा हो जाता है।
पानी निकलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कुछ ही दिनों में परिसर दलदल में बदल जाता है। जिम्मेदार हर बार बारिश को समस्या की वजह बताते हैं, लेकिन गोशालाओं में जलनिकासी, जलभराव रोकने और गोवंशों के लिए सूखा स्थान उपलब्ध कराने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
वर्जन
बारिश के कारण गोशालाओं में जलभराव और कीचड़ की समस्या खड़ी हुई है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं। गोशालाओं में बेहतर से बेहतर इंतजाम कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-अजय कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।

फोटो-11-गांव जारी में बनी गोशाला में कीचड़ में धंंसे गोवंश। अमर उजाला