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बुंदेलखंड में बारिश, बांदा में भीषण ओलावृष्टि
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 16 Mar 2015 11:44 PM IST
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बुंदेलखंड में दैवीय आपदाओं का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। सोमवार को बांदा, हमीरपुर, महोबा जालौन में जोरदार बारिश हुई। बांदा में तो 50 से 100 ग्राम तक के ओले गिरे। तेज हवा, जोरदार बारिश और भीषण ओलावृष्टि से यहां शत प्रतिशत फसल नष्ट होने की आशंका है। सोमवार को तड़के हुई जबरदस्त ओलावृष्टि से फसलों की क्षति का आंकड़ा और बढ़ने के आसार हैं।
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बांदा जिले में चार दिन पूर्व कृषि विभाग के अनुमान के मुताबिक 1.58 अरब रुपये से ज्यादा की फसलों का नुकसान बताया गया था। अब ताजा ओलावृष्टि ने यह आंकड़ा और बढ़ गया है। पहले नुकसान का आंकड़ा 70 से 80 फीसदी तक था किंतु सोमवार को हुई ओलावृष्टि से शत प्रतिशत फसलों के नुकसान का आकलन है।
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चित्रकूट जिले में भरतकूप, मऊ, रामनगर, राजापुर और तिरहार क्षेत्र में ओलावृष्टि से ज्यादा नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में खेत जलमग्न हो गए हैं। 80 फीसदी फसलें बर्बाद बताई गईं हैं। फिलहाल प्रशासन नुकसान के आकलन में जुटा है।
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हमीरपुर में प्रशासन ने पूर्व की क्षति को देखते हुए 48.82 करोड़ रुपये शासन से मांगे थे लेकिन सोमवार को तड़के कुरारा, पड़ुई, खेरवा, गोखिया, ललपुरा, रीवन आदि गांवों में जबर्दस्त ओलावृष्टि से नुकसान और बढ़ गया है। इस दिन 48 मिलीमीटर बारिश हुई है। फसलों को 90 फीसदी नुकसान बताया गया है।
महोबा जिले में श्रीनगर, पन्नाह, खरेला, चरखारी, पनवाड़ी, कुलपहाड़ आदि क्षेत्र ओला और बारिश से ज्यादा प्रभावित हैं। प्रशासन ने फिलहाल 60 फीसदी फसलें क्षतिग्रस्त मानी थीं लेकिन सोमवार की ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी का ग्राफ 90 फीसदी तक पहुंच गया है।
प्रशासन का कहना है कि सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। उरई में ओला से ज्यादा बारिश ने किसानों को कंगाल बनाया है। प्रशासन जहां सिर्फ 60 फीसदी फसलों का नुकसान मान रहा है वहीं किसानों का कहना है कि पूरी फसल चौपट हो गई है। प्रशासन ने लेखपालों को सर्वे में लगा दिया है। शीघ्र ही शासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारी है।