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बुंदेलखंड दलहन का कटोरा, थाली में भी हो एक कटोरी दाल

Thu, 10 Feb 2022 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 11:45 PM IST
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Bundelkhand pulses bowl, there should be a bowl of pulses in the plate too
दलहन दिवस पर सम्मानित हुईं महिला किसान असमां खातून। - फोटो : BANDA
बांदा। दलहन का कटोरा कहे जाने वाले बुंदेलखंड में आम लोगों की थाली में रोजाना एक कटोरी दाल भी होनी चाहिए। इससे कुपोषण से बचाव होगा। यह बात विश्व दलहन दिवस पर कृषि विशेषज्ञों ने कही। इस मौके पर दलहन क्षेत्र में खेती का बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले नौ किसानों को सम्मानित किया गया।
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गुरुवार को कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित गोष्ठी में कुलपति प्रो.एनपी सिंह ने कहा कि दलहन और इनसे बने खाद्य पदार्थों को दैनिक थाली में शामिल किया जाना जरूरी है। प्रोटीन हासिल करने के लिए अंडा, मांस, मछली आदि आसानी से सुलभ नहीं हो पाते, लेकिन दाल आसानी से हासिल हो सकती है।
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उन्होंने कहा कि बीते सालों में यहां दलहन की पैदावार में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। बताया कि एक किलो दलहन उत्पादन के लिए सिर्फ एक लीटर पानी लगता है। साथ ही उत्सर्जन के रूप में सिर्फ एक किलो कार्बन डाइक्साइड निकलती है। विश्वविद्यालय दलहनी फसलों पर लगातार शोध कर रहा है।
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दलहन दिवस पर जनपद के नौ किसानों को सम्मानित किया गया। इन किसानों ने वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर दलहन की अच्छी पैदावार की है। सम्मानित हुए किसानों में शिवकुमार, योगेंद्र सिंह, प्रशांत, रणविजय, अशोक सिंह, शिवनारायण, लवलेश कुमार और महिला किसान असमां खातून शामिल हैं।
गोष्ठी को विश्वविद्यालय में शस्य विज्ञान विभागाध्यक्ष डा.नरेंद्र सिंह, सहायक प्राध्यापक डा.सौरभ, मृदा विज्ञान के डा.जगन्नाथ पाठक, डा.सीएन सिंह आदि ने भी संबोधित किया। विश्वविद्यालय छात्रों ने पोस्टर के जरिए दलहन फसलों को बढ़ावा देने के संदेश दिए।
स्वयंसेवी सहायता समूहों ने विश्वविद्यालय परिसर में दलहनी खाद्य सामग्रियों के स्टाल लगाए। अधिष्ठाता प्रो.जीएस पवार और कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष डा.श्याम सिंह आदि ने किसानों का स्वागत किया। संचालन डा.वीके गुप्ता ने किया। कुलसचिव डा.एसके सिंह सहित विश्वविद्यालय स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

महिला किसान दाल उत्पादन में माहिर
बांदा। विश्व दलहन दिवस पर बुंदेलखंड के प्रगतिशील किसान और बुंदेलखंड जैविक कृषि फार्म (छनेहरा लालपुर) संचालक असमां खातून और उनके पति मोहम्मद असलम को कृषि विज्ञान केंद्र ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें दाल प्रस्संकरण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर दिया गया।

 विश्व दलहन दिवस पर सम्मानित किए गए किसान। साथ में कृषि विश्वविद्यालय कुलपति व अन्य अधिकारी।

विश्व दलहन दिवस पर सम्मानित किए गए किसान। साथ में कृषि विश्वविद्यालय कुलपति व अन्य अधिकारी। - फोटो : BANDA

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