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प्रेरक प्रदेश बनाने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण
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पुलिस लाइन नगर संसाधन केंद्र में शिक्षकों के प्रशिक्षण को संबोधित करते नगर शिक्षा अधिकारी जगत स?
- फोटो : BANDA
बांदा। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण में शैक्षणिक सुधारों को समझाया जा रहा है। नगर क्षेत्र में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों के शिक्षकों का यह दो दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार से मुख्यालय स्थित नगर संसाधन केंद्र (पुलिस लाइन) में शुरू हुआ।
नगर शिक्षाधिकारी जगत सिंह राजपूत ने प्रशिक्षण उद्घाटन संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रेरक प्रदेश बनाने के लिए बुनियादी शिक्षा और मिशन प्रेरणा के तहत यह नियोजित शैक्षणिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। पांच संदर्भदाताओं को ऑनलाइन प्रोजेक्टर के जरिए व्यवस्थित शिक्षा के टिप्स दिए जा रहे हैं। पहले दिन 6 और दूसरे दिन 8 सत्र होंगे। बताया कि इस प्रशिक्षण की ऑनलाइन मानीटरिंग सीमैट प्रयागराज द्वारा की जा रही है। संदर्भदाता विनय वाजपेयी ने बताया कि प्रात: 9.30 से शाम 4.30 बजे तक प्रशिक्षण चलेगा।
राघवेंद्र त्रिपाठी ने मिशन प्रेरणा लक्ष्य, प्रेरणा सूची, प्रेरणा तालिका और हस्त पुस्तिका सहित कोविड-19 के प्रभाव पर अपने संबोधन में चर्चा की। आशा कोटार्य ने भाषा क्रियान्वयन संदर्शिका और नवल किशोर ने आधारशिला क्रियान्वयन गणित पर चर्चा की। प्रिंट रिच परिवेश, गणित किट, सहज पुस्तिका, उपचारात्मक शिक्षण आदि के बारे में पावर प्वाइंटर प्रोजेक्टर और स्लाइड के माध्यम से शिक्षकों को अवगत कराया गया। तकनीकी सहयोग अंबरीश साहू और नदीम दे रहे हैं। प्रशिक्षण में महेंद्र अवस्थी, हसनुद्दीन फारुकी, रंजना श्रीवास्तव, ममता दुबे, वेद प्रकाश, नीलिमा, रूपा आदि शामिल रहे।
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फोटो परिचय-7-महिला अस्पताल में गर्भवतियों को फल बांटतीं डा. मनोरमा श्रीवास्तव। साथ में सीएमओ डा. एनडी शर्मा।
22 गर्भवती हाईरिस्क श्रेणी की मिलीं
सुरक्षित मातृत्व अभियान में अब निजी चिकित्सक भी जोड़ी गईं---सब हेड
जिला महिला अस्पताल में विशेष शिविर लगाया गया
गर्भवतियों की जांच कर उचित खानपान की दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में अब निजी क्षेत्र के चिकित्सकों को भी शामिल किया गया है। सरकारी डाक्टरों के अलावा प्राइवेट चिकित्सक भी इसमें सहयोग करेंगे। मंगलवार को इसकी बानगी जिला महिला अस्पताल में देखी गई। यहां गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच और एचआरपी हुई। इसमें वरिष्ठ महिला प्राइवेट चिकित्सक डा. मनोरमा श्रीवास्तव ने गर्भवतियों का चेकअप किया और उन्हें सुरक्षित प्रसव के टिप्स दिए।
इस दौरान गर्भवतियों को फल भी बांटे गए। रक्षित मातृत्व अभियान जिला महिला अस्पताल सहित जनपद के सभी सीएचसी और पीएचसी केंद्रों में चल रहा है। हर माह की नौ तारीख को यहां विशेष आयोजन होता है। इसमें गर्भवती की पूरी जांच मुफ्त की जाती है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था) महिला को जिला महिला अस्पताल रेफर किया जाता है। मंगलवार को विशेष आयोजन में गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग की गई।
डा. मनोरमा ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी से बचने के लिए उन्हें उचित खानपान की सलाह दी। सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को मिल रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि विशेष आयोजन जिला अस्पताल सहित जिले के 11 स्वास्थ्य केंद्रों में मनाया गया। कुल 705 गर्भवतियों की जांच हुई, जिसमें 22 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी चिह्नित की गईं।
इंसेट---
हाईरिस्क गर्भवतियों के कार्ड पर लाल बिंदी
बांदा। महिला अस्पताल की सीएमएस डा. चारू गौतम ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के एमसीपी (मातृ शिशु सुरक्षा) कार्ड भरे गए। जोखिम की संभावना वाली महिलाओं के कार्ड पर लाल रंग की बिंदी/एचआरपी (हाई रिस्क प्वाइंट) की मुहर लगाई गई। उन्हें नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य परीक्षण की सलाह दी गई। डा. चारू ने बताया कि 67 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। उनका अल्ट्रासाउंड, पेट, वजन, खून, पेशाब आदि की मुफ्त जांचें हुईं। यूनिसेफ जिला समन्वयक फुजैल सिद्दीकी, अस्पताल मैनेजर डा. प्रमोद सिंह और मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सलाहकार अमन कुमार सहित स्टाफ मौजूद रहा। (ब्यूरो)
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नगर शिक्षाधिकारी जगत सिंह राजपूत ने प्रशिक्षण उद्घाटन संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रेरक प्रदेश बनाने के लिए बुनियादी शिक्षा और मिशन प्रेरणा के तहत यह नियोजित शैक्षणिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। पांच संदर्भदाताओं को ऑनलाइन प्रोजेक्टर के जरिए व्यवस्थित शिक्षा के टिप्स दिए जा रहे हैं। पहले दिन 6 और दूसरे दिन 8 सत्र होंगे। बताया कि इस प्रशिक्षण की ऑनलाइन मानीटरिंग सीमैट प्रयागराज द्वारा की जा रही है। संदर्भदाता विनय वाजपेयी ने बताया कि प्रात: 9.30 से शाम 4.30 बजे तक प्रशिक्षण चलेगा।
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राघवेंद्र त्रिपाठी ने मिशन प्रेरणा लक्ष्य, प्रेरणा सूची, प्रेरणा तालिका और हस्त पुस्तिका सहित कोविड-19 के प्रभाव पर अपने संबोधन में चर्चा की। आशा कोटार्य ने भाषा क्रियान्वयन संदर्शिका और नवल किशोर ने आधारशिला क्रियान्वयन गणित पर चर्चा की। प्रिंट रिच परिवेश, गणित किट, सहज पुस्तिका, उपचारात्मक शिक्षण आदि के बारे में पावर प्वाइंटर प्रोजेक्टर और स्लाइड के माध्यम से शिक्षकों को अवगत कराया गया। तकनीकी सहयोग अंबरीश साहू और नदीम दे रहे हैं। प्रशिक्षण में महेंद्र अवस्थी, हसनुद्दीन फारुकी, रंजना श्रीवास्तव, ममता दुबे, वेद प्रकाश, नीलिमा, रूपा आदि शामिल रहे।
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फोटो परिचय-7-महिला अस्पताल में गर्भवतियों को फल बांटतीं डा. मनोरमा श्रीवास्तव। साथ में सीएमओ डा. एनडी शर्मा।
22 गर्भवती हाईरिस्क श्रेणी की मिलीं
सुरक्षित मातृत्व अभियान में अब निजी चिकित्सक भी जोड़ी गईं---सब हेड
जिला महिला अस्पताल में विशेष शिविर लगाया गया
गर्भवतियों की जांच कर उचित खानपान की दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में अब निजी क्षेत्र के चिकित्सकों को भी शामिल किया गया है। सरकारी डाक्टरों के अलावा प्राइवेट चिकित्सक भी इसमें सहयोग करेंगे। मंगलवार को इसकी बानगी जिला महिला अस्पताल में देखी गई। यहां गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच और एचआरपी हुई। इसमें वरिष्ठ महिला प्राइवेट चिकित्सक डा. मनोरमा श्रीवास्तव ने गर्भवतियों का चेकअप किया और उन्हें सुरक्षित प्रसव के टिप्स दिए।
इस दौरान गर्भवतियों को फल भी बांटे गए। रक्षित मातृत्व अभियान जिला महिला अस्पताल सहित जनपद के सभी सीएचसी और पीएचसी केंद्रों में चल रहा है। हर माह की नौ तारीख को यहां विशेष आयोजन होता है। इसमें गर्भवती की पूरी जांच मुफ्त की जाती है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था) महिला को जिला महिला अस्पताल रेफर किया जाता है। मंगलवार को विशेष आयोजन में गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग की गई।
डा. मनोरमा ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी से बचने के लिए उन्हें उचित खानपान की सलाह दी। सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को मिल रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि विशेष आयोजन जिला अस्पताल सहित जिले के 11 स्वास्थ्य केंद्रों में मनाया गया। कुल 705 गर्भवतियों की जांच हुई, जिसमें 22 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी चिह्नित की गईं।
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हाईरिस्क गर्भवतियों के कार्ड पर लाल बिंदी
बांदा। महिला अस्पताल की सीएमएस डा. चारू गौतम ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के एमसीपी (मातृ शिशु सुरक्षा) कार्ड भरे गए। जोखिम की संभावना वाली महिलाओं के कार्ड पर लाल रंग की बिंदी/एचआरपी (हाई रिस्क प्वाइंट) की मुहर लगाई गई। उन्हें नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य परीक्षण की सलाह दी गई। डा. चारू ने बताया कि 67 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। उनका अल्ट्रासाउंड, पेट, वजन, खून, पेशाब आदि की मुफ्त जांचें हुईं। यूनिसेफ जिला समन्वयक फुजैल सिद्दीकी, अस्पताल मैनेजर डा. प्रमोद सिंह और मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सलाहकार अमन कुमार सहित स्टाफ मौजूद रहा। (ब्यूरो)