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त्रुटियां दुरुस्त कराने में आवेदक परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 07 Apr 2015 11:55 PM IST
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जिले में 44 हजार लाभार्थियों के खाते में पेंशन भेजी गई है, लेकिन 7798 लाभार्थी खाता गलत होने से पेंशन से वंचित हैं। त्रुटियां दुरुस्त कराने में उन्हें पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। इसका दलाल जमकर फायदा उठा रहे हैं।
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त्रुटियां दुरुस्त करने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल है। शासन ने जिले में 51,798 लाभार्थियों को समाजवादी पेंशन देने का लक्ष्य रखा था। एक लाख 18 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किए।
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जांच-पड़ताल के बाद 51,798 आवेदकों को पात्र माना गया। करीब 44,000 लाभार्थियों के खातों में 500-500 रुपये के हिसाब से तीन माह की पेंशन भेजी गई, लेकिन 7798 आवेदकों को मायूसी हाथ लगी। फार्मों में त्रुटियों की वजह से पात्रता के बावजूद समाजवादी पेंशन से वंचित रह गए। ज्यादातर में सिर्फ बैंक एकाउंट नंबर की गड़बड़ी है।
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गलती दुरुस्त कराने के लिए ये आवेदक तीन माह से चक्कर लगा रहे हैं। त्रुटियां दुरुस्त कराने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल कर दी गई है। उधर, दलालों का काकस गांवों तक सक्रिय हो गया है। वहां लाभार्थियों के आवेदनों की गलतियां दूर कराने का झांसा देकर उनसे उगाही की जा रही है।
मंगलवार को विकास भवन स्थित समाज कल्याण दफ्तर में ऐसे दृश्य खूब नजर आए। जो गरीब आवेदक खुद त्रुटि ठीक कराने अपनी बैंक पास बुक लेकर बाबू के पास पहुंचे, उन्हें झिड़कियां देकर चलता कर दिया गया। वहीं कुछ दलाल 20-20 पास बुकों के साथ लेकर खामी ठीक कराने में जुटे रहे। बाबुओं की साठगांठ से दलाल चांदी काट रहे हैं।
समाज कल्याण अधिकारी केके सिंह कहते हैं कि लाभार्थियों को जानकारी देने के लिए ही पटल पर दो-दो बाबू बैठाए गए हैं। यह बाबू जानकारी नहीं देते या पैसे मांगते हैं तो मुझसे शिकायत करें। जिनकी त्रुटि ठीक हो गई है, अगले माह उनके खाते में पेंशन आ जाएगी।
ग्राम सचिव पर वसूली का आरोप, महिलाओं का प्रदर्शन
मंगलवार को बड़ोखर खुर्द गांव की दर्जनों महिलाएं ने बैंक पासबुक लेकर तहसील में प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि ग्राम सचिव द्वारा एक हजार रुपये की वसूली की जा रही है। न देने पर कई पात्रों के नाम हटा दिए गए।