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Banda News: भवानीदीन ने आपस में सिर भिड़ाकर की थी दोनों मासूम भाइयों की हत्या
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फोटो-13-मुचियाना की इसी मकान में छिपे थे दोनों आरोपी। अमर उजाला
बांदा। नंदवारा में दो मासूम सगे भाइयों की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
पुलिस के अनुसार घर के बाहर खेलते समय दोनों बच्चों को अकेला पाकर भवानीदीन ने उनके सिर आपस में भिड़ाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों को पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया था। वारदात से एक दिन पहले खेत पर शराब पार्टी के दौरान हत्या की साजिश रची गई थी। पार्टी में पूर्व मंत्री के पुत्र और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा समेत छह लोग शामिल थे।
एसपी पलाश बंसल ने बताया कि भइयाराम और भवानीदीन के बीच रंजिश चली आ रही थी। करीब एक माह पहले पेड़ काटने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। मारपीट के दौरान भवानीदीन के बेटे अखिलेश की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारने की बात सामने आई थी।
इसके बाद भवानीदीन ने वंश खत्म करने की धमकी दी थी। मारपीट का वीडियो सामने आने पर महेंद्र पाल वर्मा और शेरा की मौजूदगी भी सामने आई थी। इसके बाद से आरोपी भइयाराम से बदला लेने की फिराक में थे।
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घटना से एक दिन पहले 29 सितंबर को भवानीदीन, अखिलेश, महेंद्र पाल वर्मा, शेरा, लम्बरी और सुरेंद्र नेता ने भइयाराम के मकान के पास स्थित खेत में शराब पार्टी की थी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान भइयाराम के दोनों बच्चों की हत्या की साजिश रची गई। हालांकि, वारदात कब करनी है, यह तय नहीं था।
30 सितंबर को महेंद्र पाल वर्मा बांदा स्थित अपने मकान पर था। वहीं भवानीदीन, अखिलेश और शेरा खेत में कीटनाशक दवा छिड़कने गए थे। इसी दौरान उन्हें भइयाराम के बेटे मनोज (6) और युवराज (4) आते दिखाई दिए। दोनों घर से करीब सौ मीटर दूर स्थित हैंडपंप पर नहाने के बाद लौटे थे। कुछ देर बाद खाना खाने के बाद दोनों फिर खेलने के लिए बाहर निकल गए।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान भवानीदीन ने दोनों बच्चों की गर्दन पकड़कर उनके सिर आपस में भिड़ा दिए। इसके बाद दोनों को मृत समझकर पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया। वारदात के बाद सभी वहां से भाग निकले। देर शाम दोनों के शव गड्ढे से बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम में दोनों बच्चों के सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई थी।
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सोच रहे थे किसी हथियार का इस्तेमाल न होने से करतूत सामने नहीं आएगी
पुलिस जांच में फोन की लोकेशन से सामने आया कि महेंद्र पाल वर्मा घटना के दिन बांदा में अपने मकान पर था, जबकि साजिश के दौरान वह आरोपियों के साथ मौजूद था। वारदात के बाद सभी इधर-उधर हो गए थे। उन्हें भरोसा था कि हत्या में किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं होने के कारण उनकी करतूत सामने नहीं आएगी। इस मामले में अब तक पुलिस सभी छह आरोपियों के साथ ही भवानीदीन की पत्नी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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महेंद्र पाल वर्मा के संरक्षण में थे आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि भवानीदीन, अखिलेश, शेरा, लम्बरी और सुरेंद्र नेता को महेंद्र पाल वर्मा का संरक्षण प्राप्त था। पुलिस के अनुसार, उसके संरक्षण के दम पर आरोपी विवाद करने पर आमादा रहते थे। इसी पृष्ठभूमि में बच्चों की हत्या की साजिश रची गई और वारदात को अंजाम दिया गया।
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पहले डूबने से मौत मान रही थी पुलिस, पिता लगा रहा था हत्या का आरोप
नंदवारा में दोनों मासूम भाइयों के शव पानी भरे गड्ढे में मिलने के बाद शुरुआत में पुलिस डूबने से मौत की आशंका जता रही थी। वहीं, पिता भइयाराम लगातार दोनों बच्चों की हत्या किए जाने का आरोप लगा रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों बच्चों के सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद जांच हत्या की दिशा में आगे बढ़ी। पुलिस ने पुरानी रंजिश, कथित साजिश और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। फोन लोकेशन समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
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आरोपियों की पीसीआर पर सुनवाई आज
पुलिस ने सगे भाइयों की हत्या में आरोपी भवानीदीन, अखिलेश, सुरेंद्र और लम्बरी की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए न्यायालय में अर्जी दी थी। 23 अक्तूबर को न्यायालय ने सुनवाई के लिए 26 अक्तूबर की तारीख तय की थी। ऐसे में सोमवार को अब इस पर सुनवाई होनी है। पुलिस को उम्मीद है कि उन्हें पीसीआर मिल जाएगी।
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वर्जन
हत्या से एक दिन पहले सभी ने दारू पार्टी के दौरान बच्चों की हत्या की साजिश रची थी। अगले दिन भवानीदीन ने बच्चों की हत्या कर दी, अन्य आरोपी भी इस दौरान मौजूद थे। पुलिस के पास इसके पर्याप्त साक्ष्य हैं। सभी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जल्द न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
-पलाश बंसल, एसपी।
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पुलिस के अनुसार घर के बाहर खेलते समय दोनों बच्चों को अकेला पाकर भवानीदीन ने उनके सिर आपस में भिड़ाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों को पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया था। वारदात से एक दिन पहले खेत पर शराब पार्टी के दौरान हत्या की साजिश रची गई थी। पार्टी में पूर्व मंत्री के पुत्र और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा समेत छह लोग शामिल थे।
एसपी पलाश बंसल ने बताया कि भइयाराम और भवानीदीन के बीच रंजिश चली आ रही थी। करीब एक माह पहले पेड़ काटने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। मारपीट के दौरान भवानीदीन के बेटे अखिलेश की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारने की बात सामने आई थी।
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इसके बाद भवानीदीन ने वंश खत्म करने की धमकी दी थी। मारपीट का वीडियो सामने आने पर महेंद्र पाल वर्मा और शेरा की मौजूदगी भी सामने आई थी। इसके बाद से आरोपी भइयाराम से बदला लेने की फिराक में थे।
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घटना से एक दिन पहले 29 सितंबर को भवानीदीन, अखिलेश, महेंद्र पाल वर्मा, शेरा, लम्बरी और सुरेंद्र नेता ने भइयाराम के मकान के पास स्थित खेत में शराब पार्टी की थी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान भइयाराम के दोनों बच्चों की हत्या की साजिश रची गई। हालांकि, वारदात कब करनी है, यह तय नहीं था।
30 सितंबर को महेंद्र पाल वर्मा बांदा स्थित अपने मकान पर था। वहीं भवानीदीन, अखिलेश और शेरा खेत में कीटनाशक दवा छिड़कने गए थे। इसी दौरान उन्हें भइयाराम के बेटे मनोज (6) और युवराज (4) आते दिखाई दिए। दोनों घर से करीब सौ मीटर दूर स्थित हैंडपंप पर नहाने के बाद लौटे थे। कुछ देर बाद खाना खाने के बाद दोनों फिर खेलने के लिए बाहर निकल गए।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान भवानीदीन ने दोनों बच्चों की गर्दन पकड़कर उनके सिर आपस में भिड़ा दिए। इसके बाद दोनों को मृत समझकर पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया। वारदात के बाद सभी वहां से भाग निकले। देर शाम दोनों के शव गड्ढे से बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम में दोनों बच्चों के सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई थी।
सोच रहे थे किसी हथियार का इस्तेमाल न होने से करतूत सामने नहीं आएगी
पुलिस जांच में फोन की लोकेशन से सामने आया कि महेंद्र पाल वर्मा घटना के दिन बांदा में अपने मकान पर था, जबकि साजिश के दौरान वह आरोपियों के साथ मौजूद था। वारदात के बाद सभी इधर-उधर हो गए थे। उन्हें भरोसा था कि हत्या में किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं होने के कारण उनकी करतूत सामने नहीं आएगी। इस मामले में अब तक पुलिस सभी छह आरोपियों के साथ ही भवानीदीन की पत्नी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
महेंद्र पाल वर्मा के संरक्षण में थे आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि भवानीदीन, अखिलेश, शेरा, लम्बरी और सुरेंद्र नेता को महेंद्र पाल वर्मा का संरक्षण प्राप्त था। पुलिस के अनुसार, उसके संरक्षण के दम पर आरोपी विवाद करने पर आमादा रहते थे। इसी पृष्ठभूमि में बच्चों की हत्या की साजिश रची गई और वारदात को अंजाम दिया गया।
पहले डूबने से मौत मान रही थी पुलिस, पिता लगा रहा था हत्या का आरोप
नंदवारा में दोनों मासूम भाइयों के शव पानी भरे गड्ढे में मिलने के बाद शुरुआत में पुलिस डूबने से मौत की आशंका जता रही थी। वहीं, पिता भइयाराम लगातार दोनों बच्चों की हत्या किए जाने का आरोप लगा रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों बच्चों के सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद जांच हत्या की दिशा में आगे बढ़ी। पुलिस ने पुरानी रंजिश, कथित साजिश और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। फोन लोकेशन समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
आरोपियों की पीसीआर पर सुनवाई आज
पुलिस ने सगे भाइयों की हत्या में आरोपी भवानीदीन, अखिलेश, सुरेंद्र और लम्बरी की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए न्यायालय में अर्जी दी थी। 23 अक्तूबर को न्यायालय ने सुनवाई के लिए 26 अक्तूबर की तारीख तय की थी। ऐसे में सोमवार को अब इस पर सुनवाई होनी है। पुलिस को उम्मीद है कि उन्हें पीसीआर मिल जाएगी।
वर्जन
हत्या से एक दिन पहले सभी ने दारू पार्टी के दौरान बच्चों की हत्या की साजिश रची थी। अगले दिन भवानीदीन ने बच्चों की हत्या कर दी, अन्य आरोपी भी इस दौरान मौजूद थे। पुलिस के पास इसके पर्याप्त साक्ष्य हैं। सभी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जल्द न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
-पलाश बंसल, एसपी।

फोटो-13-मुचियाना की इसी मकान में छिपे थे दोनों आरोपी। अमर उजाला

फोटो-13-मुचियाना की इसी मकान में छिपे थे दोनों आरोपी। अमर उजाला