{"_id":"5f6e2cbb8ebc3e9bdd1f6520","slug":"beeme-company-ko-claim-dene-ke-aadesh-banda-news-knp5847934199","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदाः बीमा कंपनी को 1.51 लाख बकाया क्लेम देने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदाः बीमा कंपनी को 1.51 लाख बकाया क्लेम देने का आदेश
विज्ञापन
बांदा। कपड़े की दुकान में आग लगने से 20 लाख रुपये से भी ज्यादा के हुए नुकसान का बीमा कंपनी ने पूरा क्लेम नहीं दिया था। इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को एक माह के अंदर क्षतिपूर्ति की बकाया रकम 1.51 लाख रुपये और पांच-पांच हजार रुपये मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया है।
बबेरू के कपड़ा विक्रेता अनुरुद्ध कुमार गुप्ता ने आयोग में दायर मुकदमे में कहा था कि उसकी दुकान में शार्ट सर्किट से आग लग गई। लगभग 20 लाख रुपये का कपड़ा और छह हजार रुपये समेत अन्य सामान जल गया।
सर्वे के लिए बीमा कंपनी को 27325 रुपये फीस दे दी। बीमा कंपनी ने 12 लाख रुपये क्लेम देने का वादा किया, लेकिन नौ लाख 56 हजार 881 रुपये ही जमा किया। शेष राशि देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
आयोग अध्यक्ष तूफानी प्रसाद व सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी ने संयुक्त हस्ताक्षरों से शुक्रवार को दिए आदेश में बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंश कंपनी लि. को आदेश दिया कि वह परिवादी को एक माह के अंदर क्षतिपूर्ति की शेष रकम 1,51,196 रुपये और पांच-पांच हजार रुपये मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करे।
विज्ञापन
बबेरू के कपड़ा विक्रेता अनुरुद्ध कुमार गुप्ता ने आयोग में दायर मुकदमे में कहा था कि उसकी दुकान में शार्ट सर्किट से आग लग गई। लगभग 20 लाख रुपये का कपड़ा और छह हजार रुपये समेत अन्य सामान जल गया।
विज्ञापन
सर्वे के लिए बीमा कंपनी को 27325 रुपये फीस दे दी। बीमा कंपनी ने 12 लाख रुपये क्लेम देने का वादा किया, लेकिन नौ लाख 56 हजार 881 रुपये ही जमा किया। शेष राशि देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
आयोग अध्यक्ष तूफानी प्रसाद व सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी ने संयुक्त हस्ताक्षरों से शुक्रवार को दिए आदेश में बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंश कंपनी लि. को आदेश दिया कि वह परिवादी को एक माह के अंदर क्षतिपूर्ति की शेष रकम 1,51,196 रुपये और पांच-पांच हजार रुपये मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करे।