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Banda News: 22 लाख के घोटाले में बीडीओ हटाई गईं, सचिव निलंबित
Fri, 17 Apr 2026 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 17 Apr 2026 12:37 AM IST
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बांदा। जनपद में तैनात दो अधिकारियों पर गंभीर आरोपों के चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। विकास खंड अधिकारी बबेरू, गरिमा अग्रवाल को शिकायतों के आधार पर लखनऊ संबद्ध कर दिया गया है, जबकि ग्राम विकास अधिकारी अरविंद कुमार को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई जिले के ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुए 22 लाख रुपये के घोटाले समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं, कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और बैठकों के आयोजन में कोताही जैसे गंभीर आरोपों के चलते हुई है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को सात अप्रैल के अंक में प्रकाशित किया था।
प्रभारी जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) राजेश यादव ने बताया कि गरिमा अग्रवाल को उनके पद से कार्यमुक्त करते हुए आदेश दिया गया है कि वे खंड विकास अधिकारी कमासिन, ओम प्रकाश द्विवेदी को बबेरू विकास खंड का प्रभार सौंपें। इसके बाद गरिमा अग्रवाल को आयुक्त ग्राम्य विकास, लखनऊ के समक्ष अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करनी होगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अतिरिक्त प्रभार के लिए ओम प्रकाश द्विवेदी को कोई अतिरिक्त मानदेय या भत्ता देय नहीं होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है।
प्रभारी डीडीओ ने बताया कि ग्राम पंचायत बबेरू ग्रामीण में एसएलडब्ल्यूएम (सामुदायिक स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) योजना के अंतर्गत 50 लाख 37 हजार 21 रुपये की धनराशि के दुरुपयोग का आरोप है। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों का नियमानुसार भुगतान न करना, अपने पद और कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन न करना, तथा समय पर ग्राम पंचायत/ग्राम सभा की बैठकें आयोजित न करना जैसे गंभीर आरोपों के चलते तत्कालीन सचिव अरविंद कुमार, ग्राम विकास अधिकारी, विकास खंड कमासिन को निलंबित कर दिया गया है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी ने भी अरविंद कुमार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। निलंबन अवधि के दौरान, अरविंद कुमार अर्ध औसत वेतन पर जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करेंगे। उन्हें अर्ध वेतन पर देय अवकाश के बराबर राशि और उस पर देय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। निलंबन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी अनुमन्य होंगे, बशर्ते कि वे संबंधित मदों में वास्तव में व्यय कर रहे हों। इस अवधि में अरविंद कुमार विकास खंड कमासिन से संबद्ध रहेंगे और पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय से अनुपस्थित नहीं हो सकेंगे। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी बडोखरखुर्द को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
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प्रभारी जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) राजेश यादव ने बताया कि गरिमा अग्रवाल को उनके पद से कार्यमुक्त करते हुए आदेश दिया गया है कि वे खंड विकास अधिकारी कमासिन, ओम प्रकाश द्विवेदी को बबेरू विकास खंड का प्रभार सौंपें। इसके बाद गरिमा अग्रवाल को आयुक्त ग्राम्य विकास, लखनऊ के समक्ष अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करनी होगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अतिरिक्त प्रभार के लिए ओम प्रकाश द्विवेदी को कोई अतिरिक्त मानदेय या भत्ता देय नहीं होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है।
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प्रभारी डीडीओ ने बताया कि ग्राम पंचायत बबेरू ग्रामीण में एसएलडब्ल्यूएम (सामुदायिक स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) योजना के अंतर्गत 50 लाख 37 हजार 21 रुपये की धनराशि के दुरुपयोग का आरोप है। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों का नियमानुसार भुगतान न करना, अपने पद और कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन न करना, तथा समय पर ग्राम पंचायत/ग्राम सभा की बैठकें आयोजित न करना जैसे गंभीर आरोपों के चलते तत्कालीन सचिव अरविंद कुमार, ग्राम विकास अधिकारी, विकास खंड कमासिन को निलंबित कर दिया गया है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी ने भी अरविंद कुमार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। निलंबन अवधि के दौरान, अरविंद कुमार अर्ध औसत वेतन पर जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करेंगे। उन्हें अर्ध वेतन पर देय अवकाश के बराबर राशि और उस पर देय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। निलंबन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी अनुमन्य होंगे, बशर्ते कि वे संबंधित मदों में वास्तव में व्यय कर रहे हों। इस अवधि में अरविंद कुमार विकास खंड कमासिन से संबद्ध रहेंगे और पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय से अनुपस्थित नहीं हो सकेंगे। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी बडोखरखुर्द को जांच अधिकारी नामित किया गया है।