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Banda News: बैंकों में हड़ताल से कामकाज ठप, कर्मियों ने किया प्रदर्शन
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फोटो-16-बैंक के बाहर प्रदर्शन करते यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के सदस्य। संवाद
फोटो-16-बैंक के बाहर प्रदर्शन करते यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के सदस्य। संवाद
फोटो-17-प्रदर्शन करते ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लॉयी एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवाद
- यूएफबीयू के आह्वान पर राष्ट्रीयकृत, निजी और ग्रामीण बैंकों में कर्मचारी काम से विरत रहे
- पांच दिवसीय बैंकिंग, पेंशन में बढ़ोतरी और पीएलआई में भेदभाव खत्म करने की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ हुए समझौतों के अनुपालन की मांग को लेकर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर जिले के राष्ट्रीयकृत, निजी और ग्रामीण बैंकों में कामकाज ठप रहा। कर्मचारियों और अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर सरकार के प्रति नाराजगी जताई।
शहर में यूएफबीयू की जिला इकाई ने इंडियन बैंक के जोनल कार्यालय, भारतीय स्टेट बैंक के रीजनल कार्यालय और कैनरा बैंक की स्टेशन रोड शाखा के सामने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन के जिला मंत्री एवं प्रदर्शन के संयोजक रावेन्द्र कुमार शुक्ला ने बताया कि आईबीए और बैंक यूनियनों के बीच लिखित समझौते के बावजूद वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय और भारत सरकार की ओर से समझौतों का पालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंकों में लाभ पर आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) में भेदभाव समाप्त कर समान एवं न्यायसंगत व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। कर्मचारियों ने बैंकों में सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में समय-समय पर बढ़ोतरी करने और उनके डीए में समानता लाने की मांग की। इसके अलावा बैंकों में कर्मचारी व अधिकारी निदेशकों की नियुक्ति की मांग भी उठाई गई।
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उधर, ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लॉयी एसोसिएशन ने भी हड़ताल के समर्थन में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक रबिंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। यूएफबीयू ने मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। इसके बाद 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
प्रदर्शन में रावेन्द्र कुमार शुक्ला, नरेंद्र कश्यप, कुलदीप यादव, आशिफ नजर्मी, शशिकांत गुप्ता, अरुण अंबेडकर, दीपक गुप्ता, पराग वर्मा, शिवानी गुप्ता, ईशा सर्राफ, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे। ग्रामीण बैंक के प्रदर्शन में आशीष सिंह, प्रवीण कौशल, नवीन सोनी, आकाश सचान, प्रियव्रत आर्या शामिल रहे।
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चार दिन बैंक बंद रहने से बढ़ेगी परेशानी
शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के बाद शनिवार को द्वितीय शनिवार का अवकाश रहेगा। इसके अगले दिन रविवार को साप्ताहिक अवकाश है। सोमवार को गणेश चतुर्थी का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण बैंक लगातार चार दिन बंद रहेंगे। ऐसे में ग्राहकों को बैंक शाखाओं से जुड़े जरूरी काम के लिए मंगलवार तक इंतजार करना पड़ेगा।
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फोटो-17-प्रदर्शन करते ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लॉयी एसोसिएशन के पदाधिकारी। संवाद
- यूएफबीयू के आह्वान पर राष्ट्रीयकृत, निजी और ग्रामीण बैंकों में कर्मचारी काम से विरत रहे
- पांच दिवसीय बैंकिंग, पेंशन में बढ़ोतरी और पीएलआई में भेदभाव खत्म करने की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ हुए समझौतों के अनुपालन की मांग को लेकर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर जिले के राष्ट्रीयकृत, निजी और ग्रामीण बैंकों में कामकाज ठप रहा। कर्मचारियों और अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर सरकार के प्रति नाराजगी जताई।
शहर में यूएफबीयू की जिला इकाई ने इंडियन बैंक के जोनल कार्यालय, भारतीय स्टेट बैंक के रीजनल कार्यालय और कैनरा बैंक की स्टेशन रोड शाखा के सामने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन के जिला मंत्री एवं प्रदर्शन के संयोजक रावेन्द्र कुमार शुक्ला ने बताया कि आईबीए और बैंक यूनियनों के बीच लिखित समझौते के बावजूद वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय और भारत सरकार की ओर से समझौतों का पालन नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि बैंकों में लाभ पर आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) में भेदभाव समाप्त कर समान एवं न्यायसंगत व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। कर्मचारियों ने बैंकों में सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में समय-समय पर बढ़ोतरी करने और उनके डीए में समानता लाने की मांग की। इसके अलावा बैंकों में कर्मचारी व अधिकारी निदेशकों की नियुक्ति की मांग भी उठाई गई।
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उधर, ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लॉयी एसोसिएशन ने भी हड़ताल के समर्थन में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक रबिंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। यूएफबीयू ने मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। इसके बाद 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
प्रदर्शन में रावेन्द्र कुमार शुक्ला, नरेंद्र कश्यप, कुलदीप यादव, आशिफ नजर्मी, शशिकांत गुप्ता, अरुण अंबेडकर, दीपक गुप्ता, पराग वर्मा, शिवानी गुप्ता, ईशा सर्राफ, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे। ग्रामीण बैंक के प्रदर्शन में आशीष सिंह, प्रवीण कौशल, नवीन सोनी, आकाश सचान, प्रियव्रत आर्या शामिल रहे।
चार दिन बैंक बंद रहने से बढ़ेगी परेशानी
शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के बाद शनिवार को द्वितीय शनिवार का अवकाश रहेगा। इसके अगले दिन रविवार को साप्ताहिक अवकाश है। सोमवार को गणेश चतुर्थी का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण बैंक लगातार चार दिन बंद रहेंगे। ऐसे में ग्राहकों को बैंक शाखाओं से जुड़े जरूरी काम के लिए मंगलवार तक इंतजार करना पड़ेगा।